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Parshuram Jayanti 2025: आज है परशुराम जयंती, जान लें इसकी पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व

Parshuram Jayanti 2025 Puja Vidhi, Muhurat (परशुराम जयंती पूजा विधि): परशुराम जयंती का त्योहार भगवान विष्णु के छठवें अवतार भगवान परशुराम के जन्म की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है। ये पर्व अमूमन अक्षय तृतीया पर या फिर उससे एक दिन पहले पड़ता है। चलिए आपको बताते हैं इस साल परशुराम जयंती कब पड़ रही है।

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Parshuram Jayanti Kab Hai 2025

Parshuram Jayanti 2025 Puja Vidhi, Muhurat (परशुराम जयंती पूजा विधि): परशुराम जयंती का त्योहार वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया के दिन मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस दिन प्रदोष काल के समय भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। ऐसी मान्यता है कि भगवान विष्णु ने ये अवतार पापी, विनाशकारी और अधर्मी राजाओं का विनाश करने के लिए लिया था। ऐसा माना जाता है कि परशुराम जी आज भी पृथ्वी पर निवास करते हैं। चलिए जानते हैं इस साल परशुराम जयंती कब मनाई जाएगी और इसकी पूजा विधि क्या है।

परशुराम जयंती पूजा विधि (Parshuram Jayanti Puja Vidhi)

  • इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
  • इसके बाद एक वेदी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर उस पर भगवान परशुराम की प्रतिमा स्थापित करें।
  • फिर भगवान को जल, फूल, फल, मिठाई, अक्षत, चंदन और नारियल अर्पित करें।
  • साथ में उन्हें फरसा भी अर्पित करें जो उनका प्रमुख अस्त्र है।
  • इसके बाद भगवान की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं।
  • भगवान परशुराम के मंत्रों का सच्चे मन से जाप करें।
  • भगवान परशुराम की कथा सुनें।
  • अंत में पूरे परिवार के साथ भगवान परशुराम की आरती करें और प्रसाद बांटें।
  • इस दिन अपनी क्षमतानुसार दान-पुण्य जरूर करें।
  • अगर इस दिन व्रत रखा है तो सिर्फ फलाहार ही ग्रहण करें।

भगवान परशुराम के मन्त्र (Parshuram Mantra)

-ॐ रां रां ॐ रां रां परशुहस्ताय नमः।

-ॐ नमः परशुहस्ताय नमः कोदण्डधारिणे।

नमस्ते रुद्ररूपाय विष्णवे वेदमूर्तये॥

-ॐ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि।

तन्नो परशुराम प्रचोदयात्॥

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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