Monsoon Session: मानसून सत्र से पहले सियासी घमासान की शुरुआत हो चुकी है। सुबह 11 बजे कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास (10 जनपथ) पर अहम बैठक हो रही है। मानसून सत्र के लिए विपक्ष को एक बैनर तले लाकर कांग्रेस का मकसद संयुक्त विपक्ष के साथ सरकार को घेरना और सरकार की दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत हासिल करने की मंशा पर ब्रेक लगाना है। बैठक में शामिल होने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और शशि थरूर के अलावा, तारिक अनवर, गौरव गोसाई, के सुरेश, जयराम रमेश, प्रमोद तिवारी सहित कई दिग्गज नेता पहुंच चुके हैं।
सत्र के दौरान केंद्र को पेपर लीक, ई-20 यानी इथेनॉल मिश्रण और चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दों पर घेरने की तैयारी है। इसके लिए पार्टी ने द्रमुक को मनाने की कवायद भी तेज कर दी है। खुद प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल गांधी के साथ मिलकर इसके लिए मोर्चा संभाला है। बता दें कि संसद का आगामी मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने वाला है, जो 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। यह सत्र पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की जीत के बाद हो रहा है।
इसके अलावा, विपक्षी दलों के भीतर हाल के दिनों में हुए राजनीतिक घटनाक्रमों और टूट-फूट के कारण यह सत्र काफी हंगामेदार रहने की संभावना है। तृणमूल कांग्रेस में विधानसभा चुनाव में हार के बाद राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिली है। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) और आम आदमी पार्टी में भी सांसदों के दल बदलने की घटनाएं सामने आई हैं।
केंद्र सरकार ने भी कस ली है कमर
इसके अलावा, केंद्र सरकार ने भी मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में सरकार अपना विधायी एजेंडा बताएगी। इस सर्वदलीय बैठक में सरकार अपने विधायी एजेंडे को विपक्षी दलों के सामने रखेगी, जबकि विपक्ष सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों की जानकारी देगा।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सर्वदलीय बैठक 19 जुलाई को सुबह 11 बजे शुरू होगी। सनद रहे कि संसदीय परंपरा के हिसाब से हर बार संसद सत्र की शुरुआत से पहले सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाती है ताकि सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर आपसी सहमति बन सके और बिना किसी व्यवधान के सदन की कार्यवाही सुचारू ढंग से चल सके।
