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अगर मैं खा लूं, तो क्या संदेश जाएगा? मुझसे अनशन खत्म करने को मत कहो...सोनम वांगचुक ने की भावुक अपील

बुधवार देर रात अपनी भूख हड़ताल के 18वें दिन साझा किए गए एक वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा, मुझे हजारों संदेश मिले हैं जिनमें मुझसे अनशन तोड़ने का अनुरोध किया गया है।

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सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल जारी

Photo : PTI

Sonam Wangchuk: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने राजनीतिक नेताओं और समर्थकों की अपील के बावजूद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त करने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर अनशन तोड़ना गलत संदेश देगा। वांगचुक ने कहा, अगर मैं खा लूं, तो क्या संदेश जाएगा? सरकार को यह संदेश जाएगा कि जवाबदेही की कोई जरूरत नहीं है। प्रदर्शनकारी बैठते हैं और चले जाते हैं। अगर मैं अनशन समाप्त कर दूं तो क्या बदलेगा?

भूख हड़ताल के 18वें दिन वीडियो संदेश दिया

उन्होंने लोगों से 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा प्रस्तावित संसद मार्च को मजबूत करने का आग्रह किया और कहा कि स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों को "राजनीति विज्ञान और लोकतंत्र का एक वास्तविक पाठ" पढ़ना चाहिए। बुधवार देर रात अपनी भूख हड़ताल के 18वें दिन साझा किए गए एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने कहा, मुझे हजारों संदेश मिले हैं जिनमें मुझसे अनशन तोड़ने का अनुरोध किया गया है। कई वरिष्ठ राजनेता मेरे पास आए हैं और उन्होंने मुझसे स्नेह और चिंता के साथ बात की है।

मैं कई और दिनों तक उपवास जारी रख सकता हूं

उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने तो मुझे खाना खिलाने के लिए अदालत में याचिका भी दायर की है। अपनी सेहत को लेकर जताई जा रही चिंताओं को दूर करने की कोशिश करते हुए वांगचुक ने कहा कि अब तक की गई चिकित्सा जांचों में किसी तरह के तत्काल खतरे का संकेत नहीं मिला है। मेरी हालत ऐसी नहीं है कि मैं दो-चार दिनों में मर जाऊंगा। कई चिकित्सा परीक्षण किए गए हैं और 18 दिनों के उपवास के हिसाब से उनके नतीजे बिल्कुल सामान्य हैं। ईसीजी भी किया गया है और वह भी ठीक है। मैं कई और दिनों तक उपवास जारी रख सकता हूं।

“चलो संसद” मार्च में बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील

उन्होंने आगे कहा, हां, कमजोरी है और मेरी मांसपेशियां कमजोर हो रही हैं, लेकिन मेरा दिल और शरीर अभी भी ठीक हैं। अनशन समाप्त करने की अपील करने के बजाय, वांगचुक ने समर्थकों से 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा प्रस्तावित “चलो संसद” मार्च में बड़ी संख्या में भाग लेने का आग्रह किया, ताकि सरकार को एक संदेश दिया जा सके। उन्होंने कहा, मैं सभी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से अनुरोध करता हूं कि वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 20 जुलाई को अनुभवात्मक शिक्षा दिवस के रूप में मनाएं। छात्रों को राजनीति विज्ञान और लोकतंत्र का वास्तविक पाठ देखने और उसमें भाग लेने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने लोगों से अभियान की वेबसाइट या मिस्ड कॉल के जरिए मार्च में पंजीकरण कराने की अपील की। वांगचुक ने कहा, 20 जुलाई को हजारों की संख्या में आइए। हम सब मिलकर इस मुद्दे को संसद को सौंपेंगे। तब मुझे यकीन होगा कि यह सही हाथों में गया है।

बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रही है और उसने मानसून सत्र के पहले दिन, 20 जुलाई को संसद मार्च का आह्वान किया है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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