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Onam 2024 Thiruvonam Date : आज मनाया जा रहा है ओणम का पर्व, यहां जानिए कैसे मनाते हैं ये त्योहार और महत्व

Onam Festival Date 2024: ओणम का त्योहार खासतौर पर दक्षिण भारत में मनाया जाता है। ये पर्व बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। ऐसे में आइए जानें साल 2024 में ओणम कब मनाया जाएगा और इसके महत्व के बारे में।

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Onam Festival Date 2024

Onam Festival Date 2024: ओणम का पर्व पूरे 10 दिनों तक मनाया जाता है। यह पर्व राजा बलि को समर्पित है। ओणम का पर्व दक्षिण भारत का सबसे मुख्य त्योहार में से एक है। ये पर्व दक्षिण में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। ये त्योहार थिरुवोणम नक्षत्र में मनाया जाता है। इसको मलयालम भाषा में थिरुवोणम नाम से जाना जाता है। ओणम के दौरान दक्षिण भारत के लोग अपने घर को बहुत अच्छे से सजाते हैं। इसके साथ ही इस दौरान लोग वहां के प्रचलित व्यंजन बनाए जाते हैं। इस त्योहार असुरों का पूजन किया जाता है। ओणम में राजा बलि का पूजन किया जाता है। ये त्योहार हिंदी महीने के आश्विन या भाद्रपद महीने में मनाया जाता है। आइए जानें ओणम का त्योहार कब मनाया जाएगा।

Onam 2024 Thiruvonam Date (ओणम कब है 2024 में)

मलयालम कैलेंडर के अनुसार ओणम का त्योहार चिंगम महीने में मनाया जाता है। इस साल इस तिथि की शुरुआत 14 सितंबर 2024 को रात 08 बजकर 32 मिनट होगा। वहीं इस तिथि का समापन 15 सितंबर शाम 06 बजकर 49 मिनट पर होगा। ऐसे में इस साल ओणम का त्योहार 15 सितंबर 2024 को मनाया जाएगा।

Onam Festival 10 Days (ओणम का त्योहार 2024)

पहला दिन - अथम

दूसरा दिन - चिथिरा

तीसरा दिन - विसाकम

चौथा दिन - विसाकम

पांचवां दिन - अनिजाम

छठा दिन - थिक्रेता

सातवां दिन - मूलम

आठवां दिन - पूरादम

नवां दिन - उथिरादम

दसवां दिन - थिरुवोणम

ओणम कैसे मनाते हैं

ओणम का त्योहार बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दौरान केरल के लोग अपनी पारंपरिक पोशाक पहनते हैं और अपने घरों में पारंपरिक भोजन बनाते हैं। यह पर्व खुशियों और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस समय में सभी एक साथ इस त्योहार का आनंद उठाते हैं।

ओणम में क्यों की जाती है असुर की पूजा

ओणम में असुरों के राजा राजा बलि की पूजा की जाती है। दक्षिण भारत में राजा महाबलि को बहुत ही दानवीर माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि जब राजा बलि का राज्य था। तब उनकी प्रजा बहुत खुश रहती थी, इसलिए राजा बलि के सम्मान में ओणम में बलि की पूजा की जाती है। ये माना जाता है कि ओणम के समय में राजा बलि धरती लोक पर आते हैं और अपनी प्रजा को आशीर्वाद देते हैं। इस समय में थिरुवोणम के दिन दैत्य राज महाबलि प्रत्येक मलयाली घर में जाकर अपनी प्रजा से मुलाकात करते हैं।

Jayanti Jha
जयंती झाauthor

बिहार के मधुबनी जिले से की रहने वाली हूं, लेकिन शिक्षा की शुरुआत उत्तर प्रदेश की गजियाबाद जिले से हुई। दिल्ली विश्वविद्यायलय से हिंदी ऑनर्स से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से हिंदी में मास्टर्स की डिग्री ली और इसके साथ ही दिल्ली के विवेकानंद कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता में डिपलोमा किया। डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में रफ्तार से हुई। अगस्त 2023 से Times Network में timesnowhindi.com के फीचर टीम के साथ जुड़ी हूं। इससे पहले vianet media pvt. ltd में बतौरा हिंदी टाइपिस्ट 1 साल काम किया। रफ्तार में रहकर आध्यात्म पर लिखना शुरू किया । आध्यात्म के बारे में जानना और उसके बारे में चर्चा करना पसंद है। ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों के बारे में जानना बहुत पसंद है। लोगों तक सही जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता रहती है।

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