Saraswati Puja Basant Panchami 2022 Aarti & Puja Mantra, OM Jai Saraswati Mata Aarti Lyrics In Hindi: बसंत पचंमी वाले दिन सरस्वती पूजा की जाती है। इस दिन देवी सरस्वती यानी मां शारदा का पूजन होता है। समस्त देवियों में सरस्वती माता को विद्या की देवी माना गया है जो प्रखर मेधा का वरदान देती हैं। मां सरस्वती का रूप साफ रंग वाला, शुक्लाम्बरा, वीणा-पुस्तक-धारिणी तथा श्वेतपद्मासना आदि शब्दों से किया गया है। देवी सरस्वती के बारे में मान्यता है कि ये सृष्टि की रचना करने वाले ब्रह्मा जी की जीभ से उत्पन्न हुई हैं। इस वजह से उनको ब्रह्म पुत्री कहा जाता है और माना गया है कि उन्होंने ही सभी जीव जंतुओं को वाणी दी है।
सरस्वती को साहित्य, संगीत, कला की देवी माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार सरस्वती माता (Saraswati Mata ki aarti lyrics) मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को प्रकट हुई थीं। इसी दिन बसंत पंचमी भी मनाई जाती है। यही वजह है कि बसंत पंचमी पर सरस्वती माता की पूजा का विधान है। यहां आप मां सरस्वती की आरती (Saraswati Mata Aarti Lyrics in Hindi) के हिंदी लिरिक्स देख सकते हैं।
Om Jai Saraswati Mata aarti in hindi
सरस्वती माता की आरती लिरिक्स हिंदी में।
जय सरस्वती माता,
मैया जय सरस्वती माता ।
सदगुण वैभव शालिनी,
त्रिभुवन विख्याता ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
चन्द्रवदनि पद्मासिनि,
द्युति मंगलकारी ।
सोहे शुभ हंस सवारी,
अतुल तेजधारी ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
बाएं कर में वीणा,
दाएं कर माला ।
शीश मुकुट मणि सोहे,
गल मोतियन माला ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
देवी शरण जो आए,
उनका उद्धार किया ।
पैठी मंथरा दासी,
रावण संहार किया ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
विद्या ज्ञान प्रदायिनि,
ज्ञान प्रकाश भरो ।
मोह अज्ञान और तिमिर का,
जग से नाश करो ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
धूप दीप फल मेवा,
माँ स्वीकार करो ।
ज्ञानचक्षु दे माता,
जग निस्तार करो ॥
॥ जय सरस्वती माता...॥
माँ सरस्वती की आरती,
जो कोई जन गावे ।
हितकारी सुखकारी,
ज्ञान भक्ति पावे ॥
जय जय सरस्वती माता...॥
जय सरस्वती माता,
जय जय सरस्वती माता ।
सदगुण वैभव शालिनी,
त्रिभुवन विख्याता ॥
सरस्वती पूजा के दौरान मां शारदा की आरती को शुद्ध मन से गाएं। पूजा में मां सरस्वती की बैठी हुई मुद्रा में मूर्ति स्थापित करें। उनके चेहरे का भाव सौम्य व हाथ में वीणा हो। मां शारदा की ऐसी मूर्ति शुभ फल देने वाली मानी जाती है।
