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रेलवे का मेगा रिफॉर्म! माल ढुलाई में कंटेनर, डिजिटल सिस्टम और निजी कंपनियों की एंट्री; 8 बड़े सुधारों का ऐलान

भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई को आधुनिक, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल बनाने के लिए बड़े सुधार लागू किए हैं। अब फ्लाई ऐश, उर्वरक और खाद्यान्न कंटेनरों में भेजे जा सकेंगे। यूनिफाइड CTO लाइसेंस, डिजिटल भूमि अधिग्रहण, निजी वैगन डिजाइन, तेल कंपनियों के टैंक वैगन और स्किलिंग नीति से लॉजिस्टिक्स अधिक तेज, सुरक्षित और किफायती होगा।

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रेलवे का बड़ा लॉजिस्टिक्स रिफॉर्म!

दिल्ली : भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और उद्योगों के लिए सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से कई बड़े सुधारों की घोषणा की है। इन सुधारों का मकसद रेलवे की कार्यप्रणाली को डिजिटल बनाना, परिवहन लागत कम करना और नई तकनीकों को बढ़ावा देना है। अब फ्लाई ऐश (राख) को खुले वैगनों की जगह कंटेनरों में ले जाया जाएगा। इससे प्रदूषण कम होगा, भंडारण आसान होगा और सीमेंट फैक्ट्रियों तक सुरक्षित तरीके से इसकी आपूर्ति की जा सकेगी। कंटेनरों को आसानी से लोड और अनलोड भी किया जा सकेगा।

कंटेनर ट्रेन ऑपरेटरों के लिए नई नीति

रेलवे ने कंटेनर ट्रेन ऑपरेटर (CTO) लाइसेंस प्रणाली को आसान बनाया है। अब पूरे देश के लिए एक ही यूनिफाइड लाइसेंस मिलेगा। पंजीकरण शुल्क 25 करोड़ रुपये तय किया गया है और 20 साल बाद लाइसेंस बढ़ाने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा

उर्वरकों के लिए जटिल मालभाड़ा प्रणाली को सरल बनाया गया है। अब प्रति टन और प्रति किलोमीटर के आधार पर किराया तय होगा। साथ ही उर्वरकों को कंटेनरों में भी भेजा जा सकेगा, जिससे वितरण अधिक लचीला और सुविधाजनक होगा।

रेल परियोजनाओं में कुशल कारीगरों को बढ़ावा

रेलवे परियोजनाओं में काम करने वाले कारीगरों के लिए नई स्किलिंग नीति लागू की गई है। इसके तहत कुशल श्रमिकों की पहचान, परीक्षण और प्रमाणन किया जाएगा। QR कोड आधारित स्किल कार्ड जारी होंगे, जिससे मौके पर ही उनकी योग्यता की जांच की जा सकेगी।

भूमि अधिग्रहण होगा पूरी तरह डिजिटल

रेलवे ने ‘रेल भूमि’ नाम का वेब-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया है। इसके जरिए भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इससे परियोजनाओं की निगरानी, मुआवजा, लंबित मामलों और समयसीमा पर नजर रखना आसान होगा।

वैगन डिजाइन में निजी उद्योगों को मौका

अब रेलवे वैगनों का डिजाइन केवल रेलवे ही नहीं, बल्कि निजी कंपनियां भी तैयार कर सकेंगी। सुरक्षा परीक्षण और मंजूरी के बाद नए डिजाइन वाले वैगनों को रेलवे नेटवर्क में शामिल किया जाएगा। इससे नई तकनीक और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

तेल कंपनियां खुद खरीद सकेंगी टैंक वैगन

नई नीति के तहत तेल कंपनियां अब अपनी जरूरत के अनुसार टैंक वैगन खरीद या लीज पर ले सकेंगी। इससे पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन में अधिक लचीलापन आएगा और आधुनिक डिजाइन वाले वैगनों का इस्तेमाल बढ़ेगा।

अनाज और दालों का परिवहन भी कंटेनरों में

खाद्यान्न, आटा और दालों को अब कंटेनरों में भेजने की अनुमति दी गई है। इससे सामान सुरक्षित रहेगा, दूषित होने की संभावना कम होगी और वितरण अधिक आसान हो जाएगा। मालभाड़े की जटिल व्यवस्था की जगह प्रति टन-प्रति किलोमीटर की सरल प्रणाली लागू की गई है। Railway Reforms July 2026

क्या होगा फायदा?

इन सुधारों से भारतीय रेलवे की माल ढुलाई व्यवस्था अधिक आधुनिक, तेज, पारदर्शी और पर्यावरण अनुकूल बनेगी। उद्योगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, नई तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा और लॉजिस्टिक्स लागत कम होने की उम्मीद है।

bhawana gupta
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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