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Mata Ke Bhajan Lyrics: चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है...नवरात्रि स्पेशल माता रानी भजन लिरिक्स

Mata Ke Bhajan Lyrics In Hindi (माता के ढोलक वाले भजन हिंदी में): नवरात्रि में घर-घर माता रानी की पूजा की जाती है। इस दौरान माता के भजनों को खूब सुना-सुनाया जाता है। ऐसे में हम आपके लिए लेकर आए हैं माता रानी के शानदार भजनों का कलेक्शन।

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Mata Ke Bhajan, Navratri 2024

Mata Ke Bhajan Lyrics In Hindi (माता के ढोलक वाले भजन हिंदी में): नवरात्रि के नौ दिनों में सुबह-शाम मां अंबे की पूरे विधि विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। इस दौरान माता के भजनों को भी खूब सुना जाता है। कई घरों में तो शाम के समय माता रानी के ढोलक वाले गीत गाए जाते हैं। कहते हैं जो भक्त सच्चे मन से नवरात्रि में मां दुर्गा की उपासना करता है उसक सारे कष्ट दूर हो जात हैं। यहां देखें नवरात्रि के भजनों की पूरी लिस्ट।

माता के भजन Lyrics (Navratri Mata Ke Bhajan Lyrics)

  • चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है
  • पवन उड़ा के ले गयी रे मेरी माँ की चुनरिया
  • तू ही दुर्गा, तू ही भवानी
  • मैं बालक तू माता
  • मैया तार दे
  • हमको ये तो बता दो ओ मैया तेरा जलवा कहा पे नही है
  • मैया तेरी जय जय कार
  • माता वैष्णो के आए नवरात्रे
  • तुही मेरी मैया जी तू ही शेरावाली रे तेरे भगत खड़े दरबार
  • माँ दिवाना जग है तेरा
  • मेरी माँ के जैसा कोई दरबार नहीं
  • मैया के दीवानों ने दरबारा सजाया है
  • रुनझुन बाजे पायलिया मोरी मैया के पाँव में
  • भर दो झोली मेरी शेरोवाली
  • कांच ही बांस के बहंगिया बहंगी लचकत जाये
  • फूलो से अंगना सजाउंगी जब मैया मेरे घर आएगी
  • मईया राणी के भवन में हम दिवाने हो गए
  • प्यारा सजा है तेरा द्वार
  • जय अंबे गौरी आरती
  • तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये
  • आ मा आ तुझे दिल ने पुकारा

माता के भजन ढोलक वाले Lyrics (Mata Ke Bhajan Dholak Wale)

ऊंचे ऊंचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है, नीचे हम रहते है ऊपर मैया जी का डेरा है

मैया जी के द्वारे पे एक अंधा पुकार रहा, मैया अंधे को आंखे दो उसे तेरा ही सहारा है

ऊंचे ऊंचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है, नीचे हम रहते है ऊपर मैया जी का डेरा है

मैया जी के द्वारे पे कोढ़ी पुकार रहा, मैया कोढ़ी को काया दो उसे तेरा ही सहारा है

ऊंचे ऊंचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है, नीचे हम रहते है ऊपर मैया जी का डेरा है

मैया जी के द्वारे पे निर्धन पुकार रहा, मैया निर्धन को माया दो उसे तेरा ही सहरा है

ऊँचे ऊँचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है, निचे हम रहते है ऊपर मैया जी का डेरा है

मैया जी के द्वारे पे बांझन पुकार रही, मैया बांझन को बेटा दो उसे तेरा ही सहारा है

ऊंचे ऊंचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है, निचे हम रहते है ऊपर मैया जी का डेरा है

मैयाजी के द्वारे पे एक कन्या पुकारी रही, मैया कन्या को वर घर दो उसे तेरा ही सहारा है

ऊंचे ऊंचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है, निचे हम रहते है ऊपर मैया जी का डेरा है

मैया जी के द्वारे पे तेरे भगत पुकार रहे, मैया भगतो को दर्शन दो उन्हें तेरा ही सहारा है

ऊँचे ऊँचे पहाड़ो पे मैया जी का बसेरा है, निचे हम रहते है ऊपर मैया जी का डेरा है

मैया शेर पे चढ़के आजा लिरिक्स (Mata Ke Bhajan Lyrics In Hindi)

मैया शेर पे चढ़के आजा, तेरे भक्त खड़े हैं गली गली।

मैया कैसा जल है चढ़ाना, तेरे पूछे भगत जन गली गली,

मैया शेर पे चढ़के आजा, तेरे भक्त खड़े हैं गली गली।

मैया कैसा दीप जलाएं, तेरी रौशन हो जाए गली गली,

मैया शेर पे चढ़के आजा, तेरे भक्त खड़े हैं गली गली।

मैया कैसा भोग लगाएं, तेरी कृपा बरसे गली गली,

मैया शेर पे चढ़के आजा, तेरे भक्त खड़े हैं गली गली।

मैया कैसी भेटें गाएं, तेरे नाचे भगत जन गली गली,

मैया शेर पे चढ़के आजा, तेरे भक्त खड़े हैं गली गली।

मैया कैसा चोला चढ़ाएं, चोले की चमक जाए गली गली,

मैया शेर पे चढ़के आजा, तेरे भक्त खड़े हैं गली गली।

मैया कैसे तुझे मनाए, जयकारा गूँजे गली गली,

मैया शेर पे चढ़के आजा, तेरे भक्त खड़े हैं गली गली।

मैया शेर पे चढ़के आजा, तेरे भक्त खड़े हैं गली गली।

चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है(Chalo Bulava Aaya Hai Mata Ne Bulaya hai Lyrics In Hindi)

चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है,

चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है।

ऊंचे पर्वत पर रानी मां ने दरबार लगाया है।

चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है,

चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है।

सारे जग मे एक ठिकाना सारे गम के मारो का,

रास्ता देख रही है माता अपने आंख के तारों का।

मस्त हवाओं का एक झोखा यह संदेशा लाया है।

चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है,

चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है।

जय माता दी॥ जय माता दी॥

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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