Navratri Ke Bhajan, Durga Maa Ke Bhajan (माता के भजन ढोलक वाले Lyrics): नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा हो और माता रानी के भजन न सुने जाएं ये भला कैसे हो सकता है। अगर आप भी माता के भजनों की तलाश कर रहे हैं तो बिल्कुल सही जगह पर आए हैं। यहां हम आपको मां दुर्गा के सबसे लोकप्रिय भजनों के बारे में बताएंगे जो नवरात्रि में जरूर सुने जाते हैं। यहां आप देखेंगे तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, आते है हर साल नवराते माता के, भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे..समेत माता के अन्य लोकप्रिय भजन।
माता के भजन ढोलक वाले Lyrics (Navratri Mata Ke Bhajan)
लाल लाल चुनरी सितारों वाली,
सितारो वाली,
जिसे ओढकर आई है,
माँ शेरोवाली ॥
जिसको ब्रह्मा ने बनाया,
जिसको विष्णु ने सजाया,
जिसको भोले ने रंग में रंग डाली,
लाल लाल चुनरी सितारों वाली,
सितारो वाली,
जिसे ओढकर आई है,
माँ शेरोवाली ॥
लाल लाल चुनरी सितारों वाली,
सितारो वाली,
जिसे ओढकर आई है,
माँ शेरोवाली ॥
रंग चुनरी का शक्ति अपार देता,
पाप मन में बसे इसको मार देता,
जिसने सारी अला-बला,
भगतो की टाली,
जिसे ओढकर आई है,
माँ शेरावाली ॥
लाल लाल चुनरी सितारों वाली,
सितारो वाली,
जिसे ओढकर आई है,
माँ शेरोवाली ॥
इसके कोने में रिद्धि-सिद्धि रहती है,
शुभ और लाभ भक्तो को देती है,
भक्तो के मन को यह,
चुनरी भाने वाली,
जिसे ओढकर आई है,
माँ शेरावाली ॥
लाल लाल चुनरी सितारों वाली,
सितारो वाली,
जिसे ओढकर आई है,
माँ शेरोवाली ॥
माँ के सर पे यह चुनड़ी,
सुहानी लगती,
सारी दुनिया है माँ की,
दीवानी लगती,
दुख के बादल दूर यह,
भगाने वाली,
जिसे ओढकर आई है,
माँ शेरावाली ॥
लाल लाल चुनरी सितारों वाली,
सितारो वाली,
जिसे ओढकर आई है,
माँ शेरोवाली ॥
अपनी चुनरी की छाया में,
बिठा ले श्याम को,
लक्खा जपता रहे,
माँ तुम्हारे नाम को,
भक्तो को दे दे माँ,
अमृत की प्याली,
जिसे ओढकर आई है,
माँ शेरावाली ॥
लाल लाल चुनरी सितारो वाली,
सितारो वाली,
जिसे ओढकर आई है,
माँ शेरावाली,
जिसको ब्रह्मा ने बनाया,
जिसको विष्णु ने सजाया,
जिसको भोले ने रंग में रंग डाली,
लाल लाल चुनरी सितारों वाली,
सितारो वाली,
जिसे ओढकर आई है,
माँ शेरावाली ॥
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये - भजन (Tune Mujhe Bulaya Sherawaliye Bhajan)
साँची ज्योतो वाली माता,
तेरी जय जय कार ।
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये,
मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये,
मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
ज्योता वालिये, पहाड़ा वालिये,
मेहरा वालिये ॥
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये,
मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये,
मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
सारा जग है इक बंजारा,
सारा जग है इक बंजारा,
सब की मंजिल तेरा द्वारा ।
ऊँचे परबत लम्बा रास्ता,
ऊँचे परबत लम्बा रास्ता,
पर मैं रह ना पाया,
शेरा वालिये ॥
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये ॥
सूने मन में जल गयी बाती,
तेरे पथ में मिल गए साथी ।
मुंह खोलूं क्या तुझ से मांगू,
मुंह खोलूं क्या तुझ से मांगू,
बिन मांगे सब पाया, शेरा वालिये ॥
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये ॥
कौन है राजा, कौन भिखारी,
एक बराबर तेरे सारे पुजारी ।
तुने सब को दर्शन देके,
तुने सब को दर्शन देके,
अपने गले लगाया, शेरा वालिये ॥
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये,
मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये,
मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
प्रेम से बोलो, जय माता दी ॥
सारे बोलो, जय माता दी ॥
आते बोलो, जय माता दी ॥
जाते बोलो, जय माता दी ॥
कष्ट निवारे, जय माता दी ॥
पार निकले, जय माता दी ॥
देवी माँ भोली, जय माता दी ॥
भर दे झोली, जय माता दी ॥
वादे के दर्शन, जय माता दी ॥
जय माता दी, जय माता दी ॥
आते है हर साल नवराते माता के ( Aate Hain Har Saal Navrate Mata Ke)
श्लोक – चैत महीना और अश्विन मे,
आते माँ के नवरात्रे,
मुँह माँगा वर उनको मिलता,
जो दर पर चल कर आते ॥
आए नवरात्रे माता के,
आए नवरात्रे माता के,
आते है हर साल नवराते माता के,
आए नवरात्रे माता के,
जय हो नवरात्रे माता के,
मै पूजू हर बार नवरात्रे माता के ॥
पहले नवराते चैत री बीज,
माँ की ज्योत जगाओ,
दूजे नवराते मैया को,
प्यार के साथ मनाओ,
नवरात्रे माता के,
आए नवरात्रे माता के,
आते है हर साल नवरात्रे माता के,
आए नवरात्रे माता के,
जय हो नवरात्रे माता के ॥
फिर तीजे नवरात मात की,
पूजा करते रहना,
जय माता दी जय माता की,
स्वास स्वास है कहना,
नवरात्रे माता के,
आए नवरात्रे माता के,
आते है हर साल नवरात्रे माता के,
आए नवरात्रे माता के,
जय हो नवरात्रे माता के ॥
चौथा नवराता फलदायक,
वेदों ने गुण गाया,
पंचम नवराते में पांडव,
माँ का भवन बनाया,
नवरात्रे माता के,
आए नवरात्रे माता के,
आते है हर साल नवराते माता के,
आए नवरात्रे माता के,
जय हो नवरात्रे माता के ॥
षष्ठी की नवरात में ध्यानु,
माँ का दर्शन पाया,
लाज भगत की रख ली माँ ने,
अकबर का मान घटाया,
नवरात्रे माता के,
आए नवरात्रे माता के,
आते है हर साल नवरात्रे माता के,
आए नवरात्रे माता के,
जय हो नवरात्रे माता के ॥
सप्तमी के दिन सात देवियां,
भक्तो को वर देती,
रिद्धि सिद्धि के खोल भंडारे,
भक्तो के घर भरती,
नवरात्रे माता के,
आए नवरात्रे माता के,
आते है हर साल नवरात्रे माता के,
आए नवरात्रे माता के,
जय हो नवरात्रे माता के ॥
अष्टमी का दिन है प्यारा,
कन्या पूजन कर लो,
माँ गौरी का दर्शन करके,
खाली झोली भर लो,
नवरात्रे माता के,
आए नवरात्रे माता के,
आते है हर साल नवरात्रे माता के,
आए नवरात्रे माता के,
जय हो नवरात्रे माता के ॥
और नवमी के दिन में भक्तो,
माँ के दर्शन पाओ,
शीश झुका मैया के दर पे,
जय माता दी गाओ,
नवरात्रे माता के,
आए नवरात्रे माता के,
आते है हर साल नवराते माता के,
आए नवरात्रे माता के,
जय हो नवरात्रे माता के ॥
भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे (Bhor Bhai Din Chad Gaya Meri Ambey)
भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे,
हो रही जय जय कार मंदिर विच आरती जय माँ ।
हे दरबारा वाली आरती जय माँ ।
ओ पहाड़ा वाली आरती जय माँ ॥
काहे दी मैया तेरी आरती बनावा,
काहे दी पावां विच बाती,
मंदिर विच आरती जय माँ ।
सुहे चोलेयाँ वाली आरती जय माँ ।
हे माँ पहाड़ा वाली आरती जय माँ ॥
सर्व सोने दी आरती बनावा,
अगर कपूर पावां बाती,
मंदिर विच आरती जय माँ ।
हे माँ पिंडी रानी आरती जय माँ ।
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ ॥
कौन सुहागन दिवा बालेया मेरी मैया,
कौन जागेगा सारी रात,
मंदिर विच आरती जय माँ ।
सच्चिया ज्योतां वाली आरती जय माँ ।
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ ॥
सर्व सुहागिन दिवा बलिया मेरी अम्बे,
ज्योत जागेगी सारी रात,
मंदिर विच आरती जय माँ ।
हे माँ त्रिकुटा रानी आरती जय माँ ।
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ ॥
जुग जुग जीवे तेरा जम्मुए दा राजा,
जिस तेरा भवन बनाया,
मंदिर विच आरती जय माँ ।
हे मेरी अम्बे रानी आरती जय माँ ।
हे पहाड़ा वाली आरती जय माँ ॥
सिमर चरण तेरा ध्यानु यश गावे,
जो ध्यावे सो, यो फल पावे,
रख बाणे दी लाज,
मंदिर विच आरती जय माँ ।
सोहनेया मंदिरां वाली आरती जय माँ ॥
चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है (Chalo Bulawa Aaya Hai Mata Ne Bulaya Hai)
माता जिनको याद करे,
वो लोग निराले होते हैं ।
माता जिनका नाम पुकारे,
किस्मत वाले होतें हैं ।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है ।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है ।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है ।
ऊँचे पर्वत पर रानी माँ ने,
दरबार लगाया है ।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है ।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है ।
सारे जग मे एक ठिकाना,
सारे गम के मारो का,
रास्ता देख रही है माता,
अपने आंख के तारों का ।
मस्त हवाओं का एक झोखा,
यह संदेशा लाया है ।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है ।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है ।
जय माता दी॥ जय माता दी ॥
जय माता की कहते जाओ,
आने जाने वालो को,
चलते जाओ तुम मत देखो,
अपने पीछे वालों को ।
जिस ने जितना दर्द सहा है,
उतना चैन भी पाया है ।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है ।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है ।
जय माता दी॥ जय माता दी ॥
वैष्णो देवी के मन्दिर मे,
लोग मुरादे पाते हैं,
रोते रोते आते है,
हस्ते हस्ते जाते हैं ।
मैं भी मांग के देखूं,
जिस ने जो माँगा वो पाया है ।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है ।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है ।
जय माता दी॥ जय माता दी ॥
मैं तो भी एक माँ हूँ माता,
माँ ही माँ को पहचाने ।
बेटे का दुःख क्या होता है,
और कोई यह क्या जाने ।
उस का खून मे देखूं कैसे,
जिसको दूध पिलाया है ।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है ।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है ।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है ।
चलो बुलावा आया है,
माता ने बुलाया है ।
प्रेम से बोलो, जय माता दी ॥
ओ सारे बोलो, जय माता दी ॥
वैष्णो रानी, जय माता दी ॥
अम्बे कल्याणी, जय माता दी ॥
माँ भोली भाली, जय माता दी ॥
माँ शेरों वाली, जय माता दी ॥
झोली भर देती, जय माता दी ॥
संकट हर लेती, जय माता दी ॥
ओ जय माता दी, जय माता दी ॥
मैं बालक तू माता शेरां वालिए (Main Balak Tu Mata Sherawaliye)
मैं बालक तू माता शेरां वालिए,
है अटूट यह नाता शेरां वालिए ।
शेरां वालिए माँ, पहाड़ा वालिए माँ,
मेहरा वालिये माँ, ज्योतां वालिये माँ ॥
॥ मैं बालक तू माता शेरां वालिए...॥
तेरी ममता मिली है मुझको, तेरा प्यार मिला है,
तेरे आँचल की छाया में मन का फूल खिला है।
तुने बुद्धि, तुने साहस, तुने ज्ञान दिया
मस्तक ऊँचा करके जीने के वरदान दिया माँ।
तू है भाग्य विधाता, मैं बालक तू माता शेरां वालिए॥
॥ मैं बालक तू माता शेरां वालिए...॥
जब से दो नैनो में तेरी पावन ज्योत समायी,
मंदिर मंदिर तेरी मूरत देने लगी दिखाई ।
ऊँचे पर्वत पर मैंने भी डाल दिया है डेरा,
निशदिन करे जो तेरी सेवा मैं वो दास हूँ तेरा ।
रहूँ तेरे गुण गाता, मैं बालक तू माता शेरां वालिए ॥
मैं बालक तू माता शेरां वालिए,
है अटूट यह नाता शेरां वालिए ।
शेरां वालिए माँ, पहाड़ा वालिए माँ,
मेहरा वालिये माँ, ज्योतां वालिये माँ ॥
बड़ा प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी (Pyara Saja Hai Tera Dwar Bhawani)
दरबार तेरा दरबारों में,
एक ख़ास एहमियत रखता है।
उसको वैसा मिल जाता है,
जो जैसी नियत रखता है॥
बड़ा प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी।
भक्तों की लगी है कतार भवानी॥
ऊँचे पर्बत भवन निराला।
आ के शीश निवावे संसार, भवानी॥
प्यारा सजा है द्वार भवानी॥
जगमग जगमग ज्योत जगे है।
तेरे चरणों में गंगा की धार, भवानी॥
तेरे भक्तों की लगी है कतार, भवानी॥
लाल चुनरिया लाल लाल चूड़ा।
गले लाल फूलों के सोहे हार, भवानी॥
प्यारा सजा है द्वार, भवानी॥
सावन महीना मैया झूला झूले।
देखो रूप कंजको का धार भवानी॥
प्यारा सजा है द्वार भवानी॥
पल में भरती झोली खाली।
तेरे खुले दया के भण्डार, भवानी॥
तेरे भक्तों की लगी है कतार, भवानी॥
लक्खा को है तेरा सहारा माँ।
करदे अपने सरल का बेडा पार, भवानी॥
प्यारा सजा है द्वार भवानी॥
