अध्यात्म

Maa Skandmata Ki Aarti And Mantra: नवरात्रि के पांचवें दिन की देवी हैं मां स्कंदमाता, यहां देखें इनकी आरती और मंत्र

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Apr 13, 2024, 10:53 AM IST

Navratri 5th Day Aarti, Mantra: नवरात्रि के पांचवें दिन मां दुर्गा के स्कंदमाता स्वरूप की उपासना की जाती है। मान्यता है इनकी पूजा से व्यक्ति की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। यहां देखें मां स्कंदमाता की आरती और मंत्र।

Image

Maa Skandmata Ki Aarti And Mantra

Fifth Navratri Aarti, Mantra (Maa Skandmata Mantra And Aarti): नवरात्रि का पांचवां दिन मां स्कंदमाता को समर्पित है। स्कंदमाता भगवान स्कंद यानी कार्तिकेय जी की माता हैं। इन्हें बुद्धिमत्ता देने वाली देवी माना जाता है। कहते हैं इनकी पूजा से व्यक्ति की न केवल समस्त मनोकामना पूर्ण होती है बल्कि स्कंदमाता मोक्ष के द्वारा भी खोलती हैं। हिंदू धर्म में संतान प्राप्ति के लिए भी मां स्कंदमाता की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। यहां आप देखेंगे मां स्कंदमाता की आरती और मंत्र।

मां स्कंदमाता की आरती (Maa Skandmata Ki Aarti)

जय तेरी हो स्कंद माता।

पांचवां नाम तुम्हारा आता॥

सबके मन की जानन हारी।

जग जननी सबकी महतारी॥

तेरी जोत जलाता रहू मैं।

हरदम तुझे ध्याता रहू मै॥

कई नामों से तुझे पुकारा।

मुझे एक है तेरा सहारा॥

कही पहाडो पर है डेरा।

कई शहरों में तेरा बसेरा॥

हर मंदिर में तेरे नजारे।

गुण गाए तेरे भक्त प्यारे॥

भक्ति अपनी मुझे दिला दो।

शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो॥

इंद्र आदि देवता मिल सारे।

करे पुकार तुम्हारे द्वारे॥

दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आए।

तू ही खंडा हाथ उठाए॥

दासों को सदा बचाने आयी।

भक्त की आस पुजाने आयी॥

मां स्कंदमाता के मंत्र (Maa Skandmata Mantra)

-सिंहासनगता नित्यं,पद्माश्रितकरद्वया।

शुभदास्तु सदा देवी,स्कंदमाता यशस्विनी।।

-या देवी सर्वभूतेषु मां स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

मां स्कंदमाता का भोग (Maa Skandmata Ka Bhog)

नवरात्रि के पांचवें दिन की देवी को केला बहुत ही प्रिय है। इसलिए इस दिन की पूजा में मां स्कंदमाता को केले का भोग जरूर लगाएं। केले के साथ ही आप माता को बताशे को भी भोग लगा सकते हैं। यह दोनों ही चीजें मां की प्रिय मानी जाती है।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article