अध्यात्म

Navratri 2023 9th Day, Maa Siddhidatri Vrat Katha: नवरात्रि के नौवें दिन की व्रत कथा, जानें मां सिद्धिदात्री की कहानी

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Mar 30, 2023, 05:16 PM IST

Navratri 2023 9th Day, Maa Siddhidatri Vrat Katha In Hindi (मां सिद्धिदात्री की व्रत कथा): चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन को महा नवमी (Maha Navami) के नाम से जाना जाता है। इस दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है। यहां जानें नवरात्रि के नौवें दिन की व्रत कथा।

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Navratri Day 9 Katha: नवरात्रि के नौवें दिन की कथा

Navratri 2023 9th Day, Maa Siddhidatri Vrat Katha In Hindi: नवरात्रि के नौवें यानी आखिरी दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है। इसी दिन नवरात्रि व्रत का समापन (Navratri Vrat Smapan) भी हो जाता है। इस दिन माता दुर्गा के साथ भगवान राम की भी पूजा की जाती है। मान्यता है कि चैत्र महानवमी (Maha Navami) के दिन भगवान राम का जन्म हुआ था। जिस कारण इस खास दिन पर हर साल राम नवमी (Ram Navami) का पर्व भी मनाया जाता है। यहां जानें नवरात्रि के नौवें दिन की व्रत कथा...

नवरात्रि के नौवें दिन पढ़ें मां सिद्धिदात्री की कथा (Navratri Day 9 Katha, Maa Siddhidatri Katha)

पौराणिक कथा अनुसार जब पूरे ब्रह्मांड में अंधकार छा गया था तब उस अंधकार में ऊर्जा की एक छोटी सी किरण प्रकट हुई। ऊर्जा की ये किरण धीरे-धीरे बड़ी होती गई और इसने एक दिव्य नारी का रूप धारण कर लिया। कहते हैं यही देवी भगवती का नौवां स्वरूप मां सिद्धिदात्री थीं।

ऐसा कहा जाता है कि मां सिद्धिदात्री ने प्रकट होकर ब्रह्मा, विष्णु और महेश को जन्म दिया था। कहते हैं भगवान शिव शंकर को जो आठ सिद्धियां प्राप्त थीं वो मां सिद्धिदात्री की कृपा के कारण ही हुआ था। मां सिद्धिदात्री के कारण ही शिवजी का आधा शरीर देवी का हुआ जिससे शिव का एक नाम अर्धनारेश्वर पड़ा।

इसके अलावा एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार जब सभी देवी देवता महिषासुर के अत्याचारों से परेशान हो गए थे तब त्रिदेव ने सिद्धिदात्री को जन्म दिया था। जिन्होंने महिषासुर से युद्ध करके उसका वध किया और उसके आतंक से तीनों लोकों को मुक्ति दिलाई।

मां सिद्धिदात्री की आरती (Maa Siddhidatri aarti)

जय सिद्धिदात्री तू सिद्धि की दाता

तू भक्तों की रक्षक तू दासों की माता,

तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि

तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि

कठिन काम सिद्ध कराती हो तुम

हाथ सेवक के सर धरती हो तुम,

तेरी पूजा में न कोई विधि है

तू जगदंबे दाती तू सर्वसिद्धि है

रविवार को तेरा सुमरिन करे जो

तेरी मूर्ति को ही मन में धरे जो,

तू सब काज उसके कराती हो पूरे

कभी काम उस के रहे न अधूरे

तुम्हारी दया और तुम्हारी यह माया

रखे जिसके सर पैर मैया अपनी छाया,

सर्व सिद्धि दाती वो है भाग्यशाली

जो है तेरे दर का ही अम्बे सवाली

हिमाचल है पर्वत जहां वास तेरा

महानंदा मंदिर में है वास तेरा,

मुझे आसरा है तुम्हारा ही माता

वंदना है सवाली तू जिसकी दाता...

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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