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Navratri 2023 Day 2, Maa Brahmacharini Vrat Katha: नवरात्रि के दूसरे की देवी मां ब्रह्मचारिणी की पावन कथा यहां पढ़ें

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Mar 23, 2023, 04:51 PM IST

Navratri 2023 2nd Day, Maa Brahmacharini Vrat Katha In Hindi (मां ब्रह्मचारिणी की व्रत कथा): नवरात्रि के दूसरे दिन की देवी हैं मां ब्रह्मचारिणी। इनकी पूजा से व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास बढ़ता है और कार्यों में सफलता मिलती है। जानिए नवरात्रि के दूसरी दिन की कथा।

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मां ब्रह्मचारिणी की पावन कथा

Navratri 2023 2nd Day, Maa Brahmacharini Vrat Katha In Hindi: नवरात्रि का दूसरा दिन बेहद ही खास माना जाता है। इस दिन देवी दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा होती है। जिन लोगों को जीवन में सफलता नहीं मिल पा रही है उन्हें इस दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अवश्य करनी चाहिए। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास बढ़ने लगता है। देवी ब्रह्मचारिणी को प्रेम, निष्ठा, ज्ञान और बुद्धि की देवी माना जाता है।

पौराणिक कथाओं अनुसार देवी ब्रह्मचारिणी ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए घोर तपस्या की थी। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से व्यक्ति के अंदर साहस और उत्साह बढ़ता है। साथ ही वह जीवन की कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम हो जाता है।

नवरात्रि का दूसरा दिन- मां ब्रह्मचारिणी की कथा (Navratri Day 2- Maa Brahmacharini Katha)

पौराणिक कथाओं अनुसार एक समय की बात है भगवान शंकर सिर्फ अपनी तपस्या में ही लीन रहते थे। उधर, देवी भगवान शिव से विवाह करना चाहती थी। लेकिन शंकर जी ध्यानमग्न रहने के कारण उनकी बात नहीं समझ पाते थे। तब एक दिन माता पार्वती जी ने कामदेव से शिवजी पर कामवासना का तीर छोड़ने को कहा। बिना सोचे समझे कामदेव ने भी भगवान शिव पर तीर भी छोड़ दिया। फलस्वरूप, भगवान शिव की तपस्या भंग हो गई और भगवान कामदेव पर क्रोधित हो गए। क्रोधित होकर शिवजी ने अग्नि का रूप ले लिया। भगवान स्वंय के साथ कामदेव को भी जला दिया। ये देख नारद जी ने देवी पार्वती को सलाह दी कि उन्हें घोर तपस्या करना चाहिए। तब देवी पार्वती पहाड़ पर जाकर कई हजार सालों तक घनघोर तप करती रहीं। देवी तप के दौरान पत्ते आदि खाकर धूप, बारिश और शीत में भी यूं ही तप करती रहीं। देवी की कठोर तपस्या से भगवान शिव प्रसन्न हुए। अंततः शिवजी ने उन्हें विवाह का वचन भी दिया।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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