Moonrise Today Timing 10 April 2026 (चंद्रोदय और सूर्यास्त का समय आज का): Moonrise Today 10 April 2026: हिंदू धर्म में कालाष्टमी का दिन भगवान काल भैरव की पूजा के लिए खास माना जाता है। कई लोग इस दिन व्रत रखते हैं और शाम के समय पूजा करके भगवान से अपने जीवन की परेशानियां दूर करने की प्रार्थना करते हैं। इसलिए लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि आज चांद कब निकलेगा और आज सूर्यास्त का सही समय क्या है, ताकि पूजा सही समय पर की जा सके। आइए आसान और साफ भाषा में जानते हैं 10 अप्रैल 2026 को चंद्रोदय और सूर्यास्त का समय, साथ ही पूजा का सही समय क्या रहेगा।
आज 10 अप्रैल चांद कब निकलेगा
खगोलीय गणनाओं के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में आज चांद लगभग रात 1:26 बजे दिखाई देगा। चंद्रमा का समय हर दिन थोड़ा बदलता है, क्योंकि चंद्रमा पृथ्वी के चारों ओर घूमता रहता है। कालाष्टमी के दिन कई लोग तिथि और पूजा के अनुसार चंद्रमा के समय को भी ध्यान में रखते हैं। रात का यह समय शांत वातावरण देता है, जिससे मन को सुकून महसूस होता है।
आज कालाष्टमी का पूजन कब होगा
पंचांग के अनुसार आज कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है, जिसे कालाष्टमी कहा जाता है। इस दिन भगवान काल भैरव की पूजा शाम या रात के समय करना शुभ माना जाता है। ज्यादातर लोग सूर्यास्त के बाद दीपक जलाकर भगवान की पूजा करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना से डर, तनाव और नकारात्मक सोच कम हो सकती है।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी मानते हैं कि दिन में कुछ समय प्रार्थना, मेडिटेशन या शांत बैठना दिमाग को रिलैक्स करने में मदद करता है। इससे चिंता कम हो सकती है और मन थोड़ा हल्का महसूस करता है।
आज 10 अप्रैल सूर्यास्त का समय
दिल्ली-एनसीआर में आज सूर्यास्त लगभग शाम 6:42 बजे होगा। सूर्यास्त के समय को संध्या काल कहा जाता है, जो दिन और रात के बीच का समय होता है। धार्मिक दृष्टि से यह समय पूजा के लिए अच्छा माना जाता है। कई लोग इस समय दीपक जलाकर भगवान का ध्यान करते हैं, जिससे दिनभर की थकान के बाद मन शांत हो जाता है।
आज 10 अप्रैल को देश के प्रमुख शहरों में सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय
बता दें कि नीचे दिए गए समय खगोलीय डेटा के आधार पर बताए गए हैं, जिनमें शहर के अनुसार कुछ मिनट का अंतर संभव है।
| शहर | सूर्यास्त का समय (Sunset Today) | चंद्रोदय का समय (Moonrise Today) | दिल्ली (NCR) | शाम 6:42 PM
कालाष्टमी का महत्व और मन से जुड़ाव
कालाष्टमी भगवान काल भैरव को समर्पित मानी जाती है, जिन्हें भगवान शिव का ही एक रूप माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से पूजा करने से मन का डर कम होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में शाम के समय कुछ मिनट शांति से बैठना, प्रार्थना करना या दीपक जलाना मानसिक रूप से राहत दे सकता है।
छोटी-सी पूजा या ध्यान की आदत हमें अपने दिन को सकारात्मक तरीके से खत्म करने में मदद करती है। यही वजह है कि कई लोग सूर्यास्त के समय भगवान का नाम लेकर दिनभर के लिए धन्यवाद करते हैं और मन को शांत रखने की कोशिश करते हैं।
