अध्यात्म

मंगलवार व्रत कब और किस महीने से शुरू करें? नियम, महत्व, समय सीमा और लाभ जानें

Mangalwar Vrat Niyam: क्या आप भी मंगलवार का व्रत रखने की सोच रहे हैं? अगर हां, तो पहले मंगलवार व्रत के नियम जान लें। मान्यता है कि इन नियमों का पालन करने से ही हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

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मंगलवार के व्रत कितने रखने चाहिए?

Mangalwar Ke Vrat: मंगलवार का व्रत हनुमान जी को खुश करने के लिए रखा जाता है, जिसकी शुरुआत करने से लेकर समापन तक विभिन्न नियम हैं। साथ ही मंगलवार व्रत की तय सीमा भी है, जिसके अनुसार ही उपवास रखना चाहिए। मान्यता है कि विभिपूर्वक मंगलवार का व्रत रखने से सभी प्रकार के पाप और कष्ट नष्ट होते हैं। साथ ही व्यक्ति नकारात्मक चीजों से दूर रहता है और शांति से अपना जीवन व्यतीत करता है। चलिए अब जानें मंगलवार व्रत से जुड़े जरूरी नियमों के बारे में।

मंगलवार व्रत की शुरुआत कब करें?

पौराणिक शास्त्रों में बताया गया है कि मंगलवार व्रत की शुरुआत किसी भी महीने की शुक्ल पक्ष के पहले मंगलवार से करनी चाहिए। खासकर, चैत्र माह, वैशाख माह, कार्तिक माह और मार्गशीर्ष माह से मंगलवार के व्रत की शुरुआत करना शुभ होता है।

मंगलवार के कितने व्रत रखने चाहिए?

वैसे तो आप हर मंगलवार व्रत रख सकते हैं, लेकिन इनकी शुरुआत एक तय सीमा से ही करनी चाहिए। यदि आप पहली बार मंगलवार का व्रत रख रहे हैं तो 21 या 45 मंगलवार के व्रत का संकल्प लें। इसके बाद आप 7 या 11 मंगलवार व्रत का संकल्प ले सकते हैं। हालांकि, कुछ लोग आजीवन मंगलवार व्रत का संकल्प भी ले लेते हैं।

पहले मंगलवार व्रत की पूजा कैसे करें?

यदि आप मंगलवार के व्रत रख रहे हैं तो सबसे पहले मंगलवार के दिन ही व्रत का संकल्प लें। इस दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान आदि कार्य करने के बाद लाल रंग के कपड़े धारण करें। फिर घर के मंदिर में एक चौकी रखकर उसके ऊपर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर की स्थापना करें। अब हाथ में जल, पुष्प या अक्षत लेकर व्रत का संकल्प (कितने दिन का व्रत रख रहे हैं वो भी बोलें) लें। हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, बूंदी के लड्डू, गुड़-चने, मीठे फल और तुलसी के पत्ते अर्पित करें। साथ ही घी का दीपक जलाएं। हनुमान जी के नाम, मंत्र, चालीसा व कवच का पाठ करने के बाद मंगलवार व्रत की कथा पढ़ें। अंत में आरती करके पूजा का समापन करें।

मंगलवार व्रत के नियम

  • संकल्प लेने के बाद बीच में व्रत न तोड़ें।
  • व्रत के दौरान नकारात्मक चीजों से दूर रहें और झूठ न बोलें।
  • व्रत के दिन केवल फलाहार और पानी पिएं।
  • पारण का खाना बिना नमक का होना चाहिए।
  • मीठा भोजन करके व्रत खोलना शुभ होता है।
  • व्रत वाले दिन हनुमान जी की पूजा और दान करें।

मंगलवार का व्रत किस समय खोलें?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंगलवार का व्रत सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक रखा जाता है। शाम में सूर्यास्त के बाद आप मंगलवार व्रत का पारण कर सकते हैं। इसके अलावा बुधवार को सूर्योदय के बाद भी मंगलवार के व्रत को खोला जा सकता है।

डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्‍स नाउ नवभारत इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है।

Nidhi Jain
निधि जैनauthor

निधि जैन Times Now नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के तौर पर जुड़ी हैं। इन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 साल से ज्यादा का अनुभव है। पढ़ने और लिखने के प्रति इनकी रुचि ही इन्हें जर्नलिज्म की ओर लेकर आई। निधि अब तक हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों पर 4,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुकी हैं।

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