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'इस्लामाबाद समझौते का इजराइल ने गला घोंटा', तुर्किये का आरोप, एर्दोगन बोले-यहूदी राष्ट्र के उकसावे की कीमत चुका रहे देश

तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन ने राष्ट्रपति कैबिनेट की बैठक के बाद कहा कि 'सिर्फ ईरानी जनता और हमारे भाईचारे वाले खाड़ी देश ही नहीं, बल्कि हर कोई चाहे वह सीधे तौर पर इस युद्ध में शामिल हो या नहीं, उस युद्ध की कीमत चुका रहा है।

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तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान।

Photo : ANI

US-Iran War : तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने इजराइल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एर्दोगन ने सोमवार को कहा कि मध्य पूर्व संघर्ष को इजराइल और हवा दे रहा है और जानबूझकर शांति प्रयासों का गला घोंट रहा है। तुर्किये के राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि 'इजराइल की साजिश एवं उकसावे' की कीमत वैश्विक अर्थव्यवस्था एवं क्षेत्रीय देश चुका रहे हैं। X पर उनके कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक एर्दोगन ने इजराइली नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। तुर्किये के राष्ट्रपति ने 14 सूत्री इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ स्टैंडिंग को पटरी से उतारने के लिए इजराइल को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। संघर्ष और तनाव में कमी लाने के लिए इस एमओयू पर बीते जून में ईरान और अमेरिका ने हस्ताक्षर किए थे।

एर्दोगान ने कूटनीतिक विफलताओं का किया जिक्र

तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन ने राष्ट्रपति कैबिनेट की बैठक के बाद कहा कि 'सिर्फ ईरानी जनता और हमारे भाईचारे वाले खाड़ी देश ही नहीं, बल्कि हर कोई चाहे वह सीधे तौर पर इस युद्ध में शामिल हो या नहीं, उस युद्ध की कीमत चुका रहा है, जो इजराइल की साजिशों और उकसावे से शुरू हुआ।' कूटनीतिक विफलताओं का जिक्र करते हुए एर्दोगान ने आरोप लगाया कि इजराइल की कार्रवाइयों ने ईरान, अमेरिका और क्षेत्रीय देशों से जुड़े संघर्षों को कम करने के उद्देश्य से किए गए समझौतों को सक्रिय रूप से कमजोर किया।

इस्लामाबाद समझौते को पटरी से उतार दिया

एर्दोगान ने कहा, 'एक बार फिर, इजराइल के झूठ और उसकी तोड़फोड़ की कार्रवाइयों ने इस्लामाबाद समझौते को पटरी से उतार दिया, जिससे हमारे पूरे क्षेत्र को राहत मिली थी।'उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मौजूदा कट्टरपंथी नीतियां जारी रहेंगी, तब तक क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता हासिल करना मुश्किल रहेगा। तुर्किये के राष्ट्रपति ने हालात बदलने और तत्काल कूटनीति की ओर लौटने का आह्वान किया।

'ईरानी सरकार का पतन करीब आ रहा'

एर्दोगान ने आगे कहा, 'जब तक वह कट्टरपंथी मानसिकता, जो शांति की सबसे छोटी संभावना को भी अपने लिए खतरा मानती है, नहीं बदलती, तब तक हमारे क्षेत्र में ‘संकट का तूफान’ शांत नहीं होगा।' दूसरी ओर, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरानी सरकार का पतन करीब आ रहा है और वह अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी एक और उद्देश्य पूरा किया जाना बाकी है।' रविवार को रोश हशाना (यहूदी नववर्ष) के अवसर पर आयोजित सरकारी बैठक में उन्होंने ये टिप्पणियां कीं।

'हम खुद की रक्षा करने के लिए दृढ़ हैं-नेतन्याहू

इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, नेतन्याहू ने कहा, 'हम खुद की रक्षा करने के लिए दृढ़ हैं; हम अपने दुश्मनों पर हमला करने के लिए दृढ़ हैं। वे हम पर हमला नहीं कर रहे हैं। ईरान ऐसा करने से परहेज कर रहा है और वह जानता है कि ऐसा क्यों है। बेशक, वह गलती कर सकता है और फिर भी हम पर हमला करने की भूल कर सकता है। उसे ऐसा झटका लगेगा जिसकी वह कल्पना भी नहीं कर सकता।'

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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