Makar Sankranti Snan Daan Muhurat Today (मकर संक्रांति स्नान-दान मुहूर्त): मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरायण होता है, जिसे देवताओं का दिन माना गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि उत्तरायण काल में किए गए पुण्य कर्मों का फल कई गुना बढ़ जाता है। इसी कारण इस दिन स्नान के बाद दान को विशेष पुण्यकारी माना गया। ऐसे में आप यहां से आज 15 जनवरी की मकर संक्रांति का स्नान-दान मुहूर्त जान सकते हैं और समझ सकते हैं कि आपको आज कितने बजे नहाना है और कब दान करना है।
15 जनवरी 2026 मकर संक्रांति स्नान-दान मुहूर्त-
- पुण्य काल- 03:13 PM – 05:45 PM
- महापुण्यकाल- 03:13 PM – 04:58 PM
- ब्रह्म मुहूर्त- 05:27 AM – 06:21 AM
अगर आपको मुहूर्त समझ नहीं आते और आज नहाने और दान करने का का सही समय पूछें तो आप सुबह 4 बजे से दोपहर के 3 बजे तक स्नान-दान कर सकते हैं।
स्नान-दान मंत्र-
-गङ्गे च यमुने चैव
गोदावरि सरस्वति।
नर्मदे सिन्धु कावेरि
जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु॥
-ॐ नमः शिवाय।
मकरसंक्रान्त्यां स्नानं
करिष्ये पापनाशनम्॥
-ॐ घृणि सूर्याय नमः।
-ॐ धर्माय नमः।
ॐ पुण्याय नमः।
मकर संक्रांति स्नान-दान विधि-
- मकर संक्रांति के दिन सुबह उठकर पवित्र नदी, सरोवर या घर पर ही तिल मिले जल से स्नान करना चाहिए।
- स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर सूर्यदेव को जल, तिल और पुष्प अर्पित करते हुए ॐ सूर्याय नमः मंत्र का जप करें।
- इसके बाद भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की पूजा करें।
- फिर तिल, गुड़, चावल, खिचड़ी, कंबल, वस्त्र या अन्न का दान ब्राह्मण, गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को करें।
मकर संक्रांति पर क्या दान करना चाहिए?
- तिल
- गुड़
- अन्न
- घी या तिल का तेल
- कंबल / गर्म वस्त्र
- गौ-दान / गौ-सेवा
- धन
- गेहूं, गुड़, तांबा
- चावल, दूध, सफेद वस्त्र
- मसूर दाल, लाल वस्त्र
मकर संक्रांति पर दान का महत्व-
मकर संक्रांति पर दान करना इसलिए खास माना जाता है, क्योंकि इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण का शुभ काल आरंभ होता है, जिसे देवताओं का दिन कहा गया है। शास्त्रों के अनुसार इस समय किया गया दान कई गुना पुण्यफल देता है, खासतौर से तिल, गुड़, अन्न और वस्त्र का दान पापों का नाश करता है, दरिद्रता दूर करता है और पितृ दोष को शांत करता है। साथ ही यह दिन तप, संयम और सेवा भाव का प्रतीक है, इसलिए मकर संक्रांति पर श्रद्धा से किया गया दान जीवन में सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और उन्नति का कारण माना जाता है।
