अध्यात्म

मकर संक्रांति पर क्यों पहने जाते हैं काले कपड़े, कैसे हो जाता है ब्लैक कलर शुभ?

Why Black Clothes Are Worn on Makar Sankranti: जब ग्रहों के राजा सूर्य मकर राशि में गोचर करते हैं, तो उस दिन मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है। मकर राशि सूर्य के पुत्र न्यायाधीश शनि की राशि होती है। सबसे खास बात यह है कि इस पावन पर्व पर कई जगहों पर काले वस्त्र पहनने की परंपरा है। जबकि अमूमन काले वस्त्रों को पूजा या पर्वों पर पहनने के लिए अशुभ माना जाता है। काले रंग को नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। आइए जानते हैं कि मकर संक्रांति के दिन काले रंग के कपड़े पहनना क्यों शुभ माना जाता है?

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मकर संक्रांति पर किस रंग के कपड़े पहनें

Why Black Clothes Are Worn on Makar Sankranti: मकर संक्रांति का त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन ग्रहों के राजा सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण शुरू होता है। मतलब की वे उत्तरी गोलार्ध की तरफ चलते हैं। भारत के पश्चिमी राज्यों जैसे महाराष्ट्र आदि में इस पर्व को खास अंदाज में मनाया जाता है। यहां लोग मकर संक्रांति पर काले रंग के कपड़े पहनते हैं, जबकि आमतौर पर हिंदू परंपरा में काला रंग शुभ कार्यों में अशुभ माना जाता है। क्या आप जानते हैं कि महाराष्ट्र में काले कपड़े पहनने की यह परंपरा क्यों है और कैसे अशुभ माना जाने वाला रंग इस दिन शुभ हो जाता है? आइए जानते हैं इसके पीछे का कारण क्या है।

क्या है इसके पीछे का धार्मिक कारण?

मकर संक्रांति के दिन सूर्य अपने पुत्र शनि की राशि में आते हैं। माना जाता है कि इस दौरान उन्होंने अपने पुत्र शनि को माफ किया था। शनिदेव का रंग काला है। इस कारण उनको काला रंग प्रिय है। इस दिन शनिदेव को प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने के लिए काले रंग के कपड़े पहने जाते हैं। माना जाता है इस दिन काले रंग के कपड़े पहनने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में स्थिरता आती है। इसी कारण महाराष्ट्र में महिलाएं काली साड़ी या काले रंग के सूट पहनती हैं, जबकि पुरुष काली कुर्ता-पायजामा या शर्ट पहनते हैं।

मकर संक्रांति पर काले कपड़े पहनने का वैज्ञानिक कारण

महाराष्ट्र में मकर संक्रांति पर काले रंग के कपड़े पहनने की परंपरा मुख्य रूप से मौसम से जुड़ी है। यह त्योहार सर्दी के अंत और गर्मी की शुरुआत का प्रतीक है। संक्रांति से एक दिन पहले और संक्रांति के दिन सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। काला रंग सूर्य की किरणों को ज्यादा अवशोषित करता है, जिससे शरीर को गर्माहट मिलती है। इस कारण प्राचीन काल से महाराष्ट्र में यह परंपरा चली आ रही है, जिसे लोग अभी भी निभाते हैं। यह व्यावहारिक कारण है, जो समय के साथ परंपरा बन गया।

मकर संक्रांति पर पीला भी होता है शुभ

मकर संक्रांति के दिन पीले रंग के कपड़े पहनना भी शुभ माना जाता है। इस दिन पीले रंग का भोजन जैसे खिचड़ी आदि खाना अच्छा माना जाता है।

अन्य त्योहारों में काला रंग क्यों अशुभ?

अन्य शुभ कार्यों में काला रंग नकारात्मक ऊर्जा लाता है, इसलिए इसे अशुभ माना जाता है, लेकिन मकर संक्रांति पर मौसम और शनि की कृपा के कारण यह शुभ हो जाता है। महाराष्ट्र में यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।

डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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