नोएडा : उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने हवाला, शेल कंपनियों और मनी लॉन्ड्रिंग के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए एक चीनी नागरिक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। STF के मुताबिक, गिरोह भारत में फर्जी कंपनियां बनाकर हवाला और अन्य आर्थिक अपराधों को अंजाम दे रहा था। तीनों आरोपियों को 22 जुलाई की रात करीब 10 बजे सेक्टर-93, पूर्वांचल सिटी, नोएडा से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में चीन का नागरिक लियाओ लॉन्गहुई (Liao Longhui), गाजियाबाद निवासी संजीव कुमार और औरैया निवासी कोशलेंद्र शामिल हैं।
जांच में क्या सामने आया?
STF की जांच के अनुसार, लियाओ लॉन्गहुई वर्ष 2018 में भारत आया था और नोएडा स्थित YTL Manufacturing Pvt. Ltd. का संचालन कर रहा था। कंपनी मोबाइल फोन कवर बनाने का कारोबार करती थी। आरोप है कि चीन से कच्चा माल मंगाकर भारत में अंडर-इनवॉयसिंग के जरिए बिक्री की जाती थी और बची रकम हवाला के माध्यम से चीन भेजी जाती थी।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कर्मचारियों और सहयोगियों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर कई शेल कंपनियां बनाई थीं। इन कंपनियों के बैंक खातों का नियंत्रण भी उसी के पास था, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला लेन-देन के लिए किया जाता था।
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कई फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल
STF के अनुसार, जांच में JNS Infra Heights Pvt. Ltd., Refan Enterprises India Pvt. Ltd., Tidydesk Essential Pvt. Ltd., Z One Enterprises, Hanuraj Trading Solution Pvt. Ltd., UPMAX India Pvt. Ltd., Mezetech Power India Pvt. Ltd. और Excellence Mobile Tech India Pvt. Ltd. जैसी कई कंपनियों के नाम सामने आए हैं। इसके अलावा हांगकांग में पंजीकृत दो कंपनियों के जरिए भी लेन-देन किए जाने की बात सामने आई है।
फर्जी आधार कार्ड और कई दस्तावेज बरामद
STF ने आरोपियों के कब्जे से 5 लैपटॉप, 9 मोबाइल फोन, एक टैबलेट, दो चीनी पासपोर्ट, एक चीनी आईडी कार्ड, फर्जी आधार कार्ड, विभिन्न कंपनियों की 10 मुहरें, 11 बैंक चेकबुक, पैन कार्ड, कंपनी के शेयर फॉर्म, इनवॉयस, इनकॉरपोरेशन दस्तावेज और करीब 4.72 करोड़ रुपये के बैंक चेक बरामद किए हैं। इसके अलावा 15,400 रुपये नकद भी मिले हैं।
2020 में खत्म हो चुका था वीजा
पूछताछ में STF को पता चला कि चीनी नागरिक का भारतीय वीजा वर्ष 2020 में ही समाप्त हो चुका था, लेकिन इसके बावजूद वह भारत में अवैध रूप से रह रहा था और कथित तौर पर संगठित गिरोह के जरिए हवाला, शेल कंपनियों और अन्य आर्थिक अपराधों को अंजाम दे रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि YTL Manufacturing Pvt. Ltd. से जुड़े एक पुराने मामले में फर्जी दस्तावेजों के जरिए PAN और GST नंबर हासिल करने का आरोप है। इस मामले में पहले भी मुकदमा दर्ज हो चुका है और एक आरोपी जेल में बंद है।
बरामदगी और प्रारंभिक जांच के आधार पर थाना फेस-2, गौतमबुद्ध नगर में BNS की विभिन्न धाराओं तथा विदेशी अधिनियम, 2025 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। STF अब हवाला नेटवर्क, मनी लॉन्ड्रिंग, शेल कंपनियों के वित्तीय लेन-देन और अन्य संभावित विदेशी कनेक्शनों की गहन जांच कर रही है।
