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Makar Sankranti Daan Items: मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी के अलावा इन चीजों का दान भी माना गया है शुभ

Makar Sankranti 2025 Daan: मकर संक्रांति के दिन दान करना बेहद पुण्य का काम माना जाता है। लेकिन अब सवाल ये आता है कि इस दिन किन चीजों का दान करना चाहिए। चलिए इस बारे में जानते हैं।

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Makar Sankranti 2025 Daan

Makar Sankranti 2025 Daan (मकर संक्रांति पर क्या दान करना चाहिए): मकर संक्रांति के दिन खरमास का समापन हो जाता है और इस दिन से शुभ-मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाते हैं। इस साल ये पर्व 14 जनवरी को मनाया जा रहा है। मकर संक्रांति पर जितना स्नान का महत्व होता है उतना ही दान पुण्य के कार्य करने का भी महत्व होता है। सनातन धर्म में दान सबसे पुण्य का काम माना जाता है और वहीं मकर संक्रांति पर किए गए दान से सामान्य दिनों पर किए दान से ज्यादा पुण्य की प्राप्ति होती है। चलिए आपको बताते हैं मकर संक्रांति पर किन चीजों का दान जरूर करना चाहिए।

मकर संक्रांति पर क्या दान करें (Makar Sankranti Par Kya Daan Karna Chahiye)

खिचड़ी का दान: मकर संक्रांति पर खिचड़ी का दान जरूर किया जाता है। कई लोग इस दिन चावल और काली उड़द की दाल को दान स्वरूप में सभी में बांटते हैं तो वहीं कई लोग बनी बनाई खिचड़ी का दान करते हैं।

अनाज का दान: चावल, दाल, गेहूं और बाजरा जैसे अनाज का भी दान करते हैं।

तिल और गुड़ का दान: मकर संक्रांति परतिल-गुड़ का दान बेहद शुभ होता है। कहते हैं इससे सूर्य और शनि ग्रह के दोषों का निवारण होता है।

कपड़े और कंबल का दान: मकर संक्रांति पर कंबल और ऊनी कपड़ों का दान भी शुभ होता है।

धातु के बर्तन: इसके अलावा इस दिन तांबे, पीतल, चांदी या सोने के बर्तन भी दान स्वरूप दे सकते हैं।

गौदान (गाय का दान): हिंदू धर्म में गाय का दान सर्वोच्च पुण्य कर्म माना गया है। ऐसे में मकर संक्रांति पर गाय का दान भी कर सकते हैं।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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