माघ पूर्णिमा पर नहीं जा सकते प्रयागराज, तो जानें घर पर कैसे करें शाही स्नान, आज नहाने का तरीका
- Authored by: Srishti
- Updated Feb 1, 2026, 06:47 AM IST
प्रयागराज में शाही स्नान न भी कर सकें, तब भी माघ पूर्णिमा का पुण्य घर पर ही प्राप्त किया जा सकता है। घर पर भी सच्चे मन से किया गया स्नान, तर्पण, दान, जाप और सेवा का फल शाही स्नान के समान माना जाता है। यहां से आप जानें कि अगर प्रयागराज नहीं जा सकते हैं तो घर में शाही स्नान कैसे करें।
माघ पूर्णिमा पर नहीं कर सकते शाही स्नान तो क्या करें? (pc: pinterest)
अगर आप माघ पूर्णिमा पर शाही स्नान के लिए प्रयागराज महाकुंभ नहीं जा पा रहे हैं तो निराश होने की जरूरत नहीं है। यहां हम आपको घर पर ही माघ पूर्णिमा के शाही स्नान को करने तरीका बता रहे हैं। माघ पूर्णिमा स्नान को घर पर करने की अपनी विधि है, जिसकी पूरी जानकारी यहां दी गई है। स्नान के बाद क्या करना है, इसके बारे में भी यहां बताया गया है। साथ ही यहां माघ पूर्णिमा के स्नान का महत्व भी समझाया गया है।
माघ पूर्णिमा 2026 पर स्नान-दान का मुहूर्त-
द्रिक पंचांग के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन राहुकाल और भद्रा दोनों का संयोग बन रहा है। 1 फरवरी 2026 को सुबह 07:09 से दोपहर 04:42 मिनट तक भद्रा रहेगी, जबकि दोपहर 04:39 से शाम 06 बजे तक राहुकाल रहेगा। इसके अलावा सुबह 07:09 मिनट पर सूर्योदय होगा, जबकि ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:24 से सुबह 06:17 मिनट तक रहेगा। ऐसे में आप सुबह 05:24 से सुबह 07:09 मिनट के बीच पूजा-पाठ व स्नान-दान जैसे शुभ कार्य कर सकते हैं।
घर पर कैसे करें स्नान?
- अगर आप गंगा तट पर नहीं जा सकते तो घर में साफ स्नान करें और यदि संभव हो तो गंगा जल का उपयोग करें।
- स्नान करते समय 'गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति। नर्मदे सिंधु कावेरी जलेस्मिन् सन्निधिं कुरू' मंत्र का उच्चारण करें।
- शास्त्रों के अनुसार महाकुंभ में संगम स्नान के समय 5 बार डुबकी लगाने का महत्व है। ऐसे में अगर आप अपने घर में घर के पास की किसी नदी में स्नान करते हैं तो इस नियम का पालन करें।
- साथ ही माघ पूर्णिमा पर स्नान करते समय साबुन या शैम्पू आदि का इस्तेमाल न करें।
स्नान के बाद क्या करें?
- माघ पूर्णिमा पर स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य दें और तुलसी में भी जल चढ़ाएं और पूरी विधि-विधान के साथ पूजा करें।
- आप प्रयागराज नहीं जा सकते तो घर पर ही पितृ तर्पण किया जा सकता है।
- तर्पण के लिए जल, तिल, अक्षत, गंगाजल, दही, दूध और घी लें।
- तर्पण करते समय ऊं पितृदेवाय नमः जैसे मंत्र का उच्चारण करें और मन में श्रद्धा रखें।
- इसके बाद घर पर ही आप भोजन, कपड़े, राशन, तिल, गेहूं आदि का दान करें।
- अगर आप चाहें तो किसी आश्रय, वृद्धाश्रम, अनाथालय या जरूरतमंद परिवार को दान कर सकते हैं।
- दिन भर राम, कृष्ण और शिव का जाप या भजन-कीर्तन करें। कम से कम 108 बार नाम जपना बहुत फलदायी माना जाता है।
- शाम के समय घर में दीप जलाकर भगवान की पूजा करें। अगर संभव हो तो सूर्यदेव और पितरों के लिए भी दीप जलाएं।
माघ पूर्णिमा के दिन स्नान का महत्व-
माघ मास का सबसे पुण्यकारी स्नान कहा जाता है। शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किया गया स्नान व्यक्ति के पापों का नाश, मन-शरीर की शुद्धि और पितरों की तृप्ति का कारण बनता है। इस दिन स्नान करने से पितृदोष, ग्रहदोष, मानसिक तनाव और नकारात्मक ऊर्जा कम होती है। स्नान के बाद किया गया दान, तर्पण और पूजा कई गुना फल देता है।