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Janmashtami Ke Gana Krishna Bhajan Lyrics: भजन-गाने के साथ मनाएं नटखट नंदलाल के जन्म का उत्सव, देखें जन्माष्टमी के गाना, भजन लिरिक्स हिंदी में

Janmashtami Ke Gana Krishna Bhajan Lyrics (जन्माष्टमी के गाना, भजन लिरिक्स हिंदी में): जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर कान्हा जी के ये भजन तो गाने गाकर मन प्रसन्न हो जाएगा। देखें जन्माष्टमी स्पेशल भजन, कृष्ण भजन, जन्माष्टमी के गाना लिरिक्स इन हिंदी, जिन्हें आप पढ़ सकते हैं और अपनों के साथ शेयर कर सकते हैं।

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जन्माष्टमी के गाना और भजन (Photo Credit - Canva)

Janmashtami Ke Gana Krishna Bhajan Lyrics (जन्माष्टमी के गाना, भजन लिरिक्स हिंदी में): हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जाता है। आज कृष्ण जन्माष्टमी है और इस पावन अवसर पर श्री कृष्ण के भक्त विधि विधान से पूजा करते हैं और कान्हा जी के नाम का व्रत उपवास करते हैं। इस दिन पर भगवान कृष्ण के भजन तो गाने गाने और सुनने का भी अनुभव बहुत ही अच्छा होता है। ऐसे में अगर आप भी अपना कृष्ण जन्माष्टमी का दिन नटखट नंदलाल के भजन के साथ संगीतमय बनाना चाहते हैं। तो ये वाले कृष्ण भजन, गाने के लिरिक्स पढ़ सकते हैं।

श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी, Shree Krishna Govind Hare Murari Lyrics in Hindi

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,

हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

हे नाथ नारायण...॥

पितु मात स्वामी, सखा हमारे,

हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

हे नाथ नारायण...॥

॥ श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी...॥

बंदी गृह के, तुम अवतारी

कही जन्मे, कही पले मुरारी

किसी के जाये, किसी के कहाये

है अद्भुद, हर बात तिहारी ॥

है अद्भुद, हर बात तिहारी ॥

गोकुल में चमके, मथुरा के तारे

हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,

हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

पितु मात स्वामी, सखा हमारे,

हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

अधर पे बंशी, ह्रदय में राधे

बट गए दोनों में, आधे आधे

हे राधा नागर, हे भक्त वत्सल

सदैव भक्तों के, काम साधे ॥

सदैव भक्तों के, काम साधे ॥

वही गए वही, गए वही गए

जहां गए पुकारे

हे नाथ नारायण वासुदेवा॥

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,

हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

पितु मात स्वामी सखा हमारे,

हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

गीता में उपदेश सुनाया

धर्म युद्ध को धर्म बताया

कर्म तू कर मत रख फल की इच्छा

यह सन्देश तुम्हीं से पाया

अमर है गीता के बोल सारे

हे नाथ नारायण वासुदेवा॥

श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी,

हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

पितु मात स्वामी सखा हमारे,

हे नाथ नारायण वासुदेवा ॥

वो किसना है, Woh Kisna Hai Lyrics

वो है रँगीला छैल छबीला

वो है नट्खट वो जमुना तट

फेरे लगाये, मुरली बजाये

गोपियों के संग रास रचाए

मुरली बजैया रास रचैया

श्याम सलोना है

जो है अलबेला मदनैनोवाला

जिस की दीवानी ब्रिज की हर बाला

वो किसना है, वो किसना है

वो किसना है, वो किसना है

किसना है...

जो है अलबेला मदनैनोवाला

जिस की दीवानी ब्रिज की हर बाला

वो किसना है, वो किसना है

वो किसना है, वो किसना है

किसना है है है...

प्यार में डूबी प्यार में खोयी

प्यार की धुन में जागी ना सोयी

प्यार में डूबी प्यार में खोयी

प्यार की धुन में जागी ना सोयी

दुनिया से है वो अनजानी

सब केहते हैं प्रेम दीवानी

किसना से मिलती है

भूल के हर बंधन

हो... किसना की

माला ही जपती है वो जोगन

नैनों में सांसों में मन में किसना

हर पल है जीवन में जिसके किसना

वो राधा है वो राधा है है

वो राधा है... राधा है...

मधुर मधुर सा रूप है जिसका

श्वेत श्वेत रंग जिसका

सुन्दर तन मन सुन्दर चितवन

सुन्दर है अंग जिसका

प्यार है सागर से भी गहरा

किसना के संग जिसका

वो राधा है ऐ वो राधा है ऐ

वो राधा है ऐ राधा है...

जो है अलबेला मदनैनोवाला

जिस की दीवानी ब्रिज की हर बाला

वो किसना है वो किसना है

वो किसना है किसना

नैनों में सांसों में मन में किसना

हर पल है जीवन में जिसके किसना

वो राधा है वो राधा है

वो राधा है राधा है

हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की लिरिक्स, Hathi Godha Palki

आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की ।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥

बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की ।

हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की ॥

जय हो नंदलाल की, जय यशोदा लाल की ।

गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥

॥ आनंद उमंग भयो…॥

आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की ।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥

बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की ।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥

आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की ।

गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥

जय हो नंदलाल की, जय यशोदा लाल की ।

हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की ॥

आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की ।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥

बृज में आनंद भयो, जय यशोदा लाल की ।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥

आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की ।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥

कोटि ब्रह्माण्ड के, अधिपति लाल की ।

हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की ॥

गौ चरने आये, जय हो पशुपाल की ।

गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥

कोटि ब्रह्माण्ड के, अधिपति लाल की ।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥

गौ चरने आये, जय हो पशुपाल की ।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥

पूनम के चांद जैसी, शोभ है बाल की ।

हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की ॥

आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की ।

गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥

कोटि ब्रह्माण्ड के, अधिपति लाल की ।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥

गौ चरने आये, जय हो पशुपाल की ।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥

भक्तो के आनंद्कनद, जय यशोदा लाल की ।

हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की ॥

जय हो यशोदा लाल की, जय हो गोपाल की ।

गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥

कोटि ब्रह्माण्ड के, अधिपति लाल की ।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥

गौ चरने आये, जय हो पशुपाल की ।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥

आनंद से बोलो सब, जय हो बृज लाल की ।

हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की ॥

जय हो बृज लाल की, पावन प्रतिपाल की ।

गोकुल में आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥

कोटि ब्रह्माण्ड के, अधिपति लाल की ।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥

गौ चरने आये, जय हो पशुपाल की ।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की॥

आनंद उमंग भयो, जय हो नन्द लाल की ।

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की ॥

॥ बृज में आनंद भयो…॥

Aarti Kunj Bihari Ki Lyrics, आरती कुंज बिहारी की

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की

गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला।

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श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला।

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥

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गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली।

लतन में ठाढ़े बनमाली; भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक, चंद्र सी झलक,

ललित छवि श्यामा प्यारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की।

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥

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कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दरसन को तरसैं।

गगन सों सुमन रासि बरसै; बजे मुरचंग, मधुर मिरदंग, ग्वालिन संग;

अतुल रति गोप कुमारी की॥ श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥

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जहां ते प्रकट भई गंगा, कलुष कलि हारिणि श्रीगंगा।

स्मरन ते होत मोह भंगा; बसी सिव सीस, जटा के बीच, हरै अघ कीच;

चरन छवि श्रीबनवारी की॥ श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥

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चमकती उज्ज्वल तट रेनू, बज रही वृंदावन बेनू।

चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू; हंसत मृदु मंद,चांदनी चंद, कटत भव फंद।।

टेर सुन दीन भिखारी की॥ श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल, Choti-Choti Gaiya Chote-Chote Gwal

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल।

छोटो सो मेरो मदन गोपाल॥

॥ छोटी छोटी गैया…॥

आगे आगे गैया पीछे पीछे ग्वाल।

बीच में मेरो मदन गोपाल॥

॥ छोटी छोटी गैया…॥

कारी कारी गैया, गोरे गोरे ग्वाल।

श्याम वरण मेरो मदन गोपाल॥

॥ छोटी छोटी गैया…॥

घास खाए गैया, दूध पीवे ग्वाल।

माखन खावे मेरो मदन गोपाल॥

॥ छोटी छोटी गैया…॥

छोटी छोटी लकुटी, छोले छोटे हाथ।

बंसी बजावे मेरो मदन गोपाल॥

॥ छोटी छोटी गैया…॥

छोटी छोटी सखियाँ, मधुबन बाग।

रास राचावे मेरो मदन गोपाल॥

॥ छोटी छोटी गैया…॥

छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल।

छोटो सो मेरो मदन गोपाल॥

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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