Lohri Songs Lyrics (लोहड़ी के गीत): लोहड़ी का त्योहार मुख्य रूप से सिखों और पंजाबियों द्वारा मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने घर के बाहर आग जलाकर उसमें तिल, पॉप कॉर्न, मूंगफली, गजक इत्यादि चीजें डालते हैं। साथ ही इन चीजों का सेवन भी करते हैं। ये त्योहार सभी लोग मिलकर नाच गाकर मनाते हैं। तो वहीं इस पर्व का मुख्य आकर्षण होता है इस दिन गाए जाने वाले पारंपरिक गीत। यहां हम आपको बताएंगे लोहड़ी के कुछ लोकप्रिय गीतों के लिरिक्स।
लोहड़ी के पंजाबी गीत (Lohri Songs Lyrics In Punjabi)
आया लोहड़ी दा त्यौहार , हो आया ……
खुशियां खूब मनाओ यार ,
नच्चो -गावो वंडो प्यार ,
मुड़ -मुड़ आवे ऐसा वार ,
कि आया लोहड़ी दा त्यौहार . हो आया ….
मुंडा वोटी लैके आया ,
सोणी वोटी लैके आया ,
खुशियां खूब मनाओ यार ,
नच्चो – गावो वंडो प्यार ,
कि आया लोहड़ी दा त्यौहार , हो आया ……
कुड़ी नूँ मस्त दूल्हा मिलया ,
सोणा -सोणा दूल्हा मिलया ,
खुशियाँ खूब मनाओ यार ,
नच्चो गावो वंडो प्यार ,
कि आया लोहड़ी दा त्यौहार ,हो आया …
मुंडा – कुड़ी सदा सुख पावन ,
तरक्की करन ते वधते जावन ,
जल्दी सोणा पुत्तर आवे
सुंदर मुंदरिए हो तेरा कौन विचारा हो (Sundar mundariye lyrics)
सुंदर मुंदरिए, हो,
तेरा कौन विचारा, हो,
दुल्ला भट्टी वाला, हो,
दुल्ले ने धी ब्याही, हो,
सेर शक्कर पाई, हो,
कुड़ी दा लाल पटाका, हो,
कुड़ी दा शालू पाटा, हो,
तेरा जीवे चाचा,
सानूं दे लोहड़ी,
तेरी जीवे जोड़ी।
हुल्ले नी माइ हुल्ले
दो बेरी पत्ता झुल्ले
दो झुल्ल पयीं खजूरां
खजूरां सुट्ट्या मेवा
एस मुंडे कर मगेवा
मुंडे दी वोटी निक्कदी
ओ खान्दी चूरी कुटदी
कुट कुट भरया थाल
वोटी बावे नंदना नाल
निनान ते वड्डी परजाई
सो कुड़मा दे घर आए !
अस्सी लोहरी लैन आए !
हुल्ले नई माई हुल्ले (Hulle Ni Hulle Lohri Song)
दे माई लोहड़ी, तेरी जीवे जोड़ी’ , ‘दे माई पाथी तेरा पुत्त चढ़ेगा हाथी
हुल्ले नी माइ हुल्ले
दो बेरी पत्ता झुल्ले
दो झुल्ल पयीं खजूरां
खजूरां सुट्ट्या मेवा
एस मुंडे कर मगेवा
मुंडे दी वोटी निक्कदी
ओ खान्दी चूरी कुटदी
कुट कुट भरया थाल
वोटी बावे नंदना नाल
निनान ते वड्डी परजाई
सो कुड़मा दे घर आए !
अस्सी लोहरी लैन आए !
आया लोहड़ी दा त्यौहार
लोहड़ी गीत इन हिंदी (Lohri Geet In Hindi)
सतगुरु दे लोहड़ी दात्ता दे लोहड़ी ,
सतगुरु दे लोहड़ी दात्ता दे लोहड़ी ,
असीं लैना नहीं रूपया ॥
सतगुरु पार करो मेरी नैया ॥
सतगुरु दे लोहड़ी ....
असीं लैनी नहीं मिठाई ॥
सानूं अपनी चरणां विच बिठाईं ॥
सतगुरु दे लोहड़ी ......
माये नि सहनु दे लोहड़ी (Sanu De Lohri)
अस्सा मल लई तेरी ड्योडी माये नि सहनु दे लोहड़ी,
साडी आस न माये तोड़ी माये नि सहनु दे लोहड़ी,
प्यार दी साहणु गचक खवा दे,
नाम दा मीठा जीबा ते वसा दे,
पा भिखियाँ साहणु थोड़ी,
माये नि सहनु दे लोहड़ी...
भगती दी सहनु रो पिला दे,
रोम रोम साडा चमका दे,
दर्शन दी दे के रयोड़ी,
माये नि सहनु दे लोहड़ी,
मंजुला ते शर्मा तेरे न्याने,
वार एहना तो तिल मखाने,
युग युग जीवे एहना दी जोड़ी,
माये नि सहनु दे लोहड़ी,
रिश्ता साडा जीवे दाना मुन्फली,
अस्सा ज्योति दी एहो अक्चुली,
एह प्यार दी तंद न तोड़ी,
माये नि सहनु दे लोहड़ी,
आ श्यामा सानु लोहड़ी दें (aa shyama sanu lohri de)
आ श्यामा सानु लोहड़ी दें, ज्यादा दे भावे थोड़ी दें...
लोहड़ी असां तेरे कोलू लेनी हे, तुहानू देनी पैनी ए,
चरनां दी अपनी भगतिं दे, ज्यादा दे भावे थोड़ी दें,
आ श्यामा सानु लोहड़ी दें, ज्यादा दे भावे थोड़ी दें....
वृंदावन मैं जांदी रहवा, रज-रज दर्शन पांदी रवा,
अपने भगतां दां संग मेनू दें, ज्यादा दे भावे थोड़ी दें,
आ श्यामा सानु लोहड़ी दें, ज्यादा दे भावे थोड़ी दें.....
प्रेम दे रंग विच रंग देना, अपने भगतां दां संग देना,
याद तेरी सदा बनी रवे , ज्यादा दे भावे थोड़ी दें,
आ श्यामा सानु लोहड़ी दें, ज्यादा दे भावे थोड़ी दें...
