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40 मिनट में नाप देंगे पूरा कानपुर! IIT से नौबस्ता तक दौड़ने को तैयार मेट्रो, स्टॉप-किराया जान लीजिए

Kanpur Central-Naubasta Metro Inauguration: कानपुर आईआईटी से सेंट्रल रेलवे स्टेशन के आगे विस्तारित मेट्रो कॉरिडोर यानी नौबस्ता तक जल्द ही सेवाएं शुरू हो सकती है। तमाम सुरक्षा मानक पूरे कर लिए गए हैं। माना जा रहा है कि जुलाई में ही इसे संचालित कर लोगों को सहूलियत दी जाएगी।

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कानपुर नौबस्ता मेट्रो (फाइल फोटो)

Kanpur Central-Naubasta Metro Inauguration : कानपुर दक्षिण के लोगों के लिए बड़ी खबर है। शहर को जाम से राहत दिलाने के प्रयास और यातायात सुगम बनाने की दिशा में डेवलप की जा रही मेट्रो के विस्तारित रूट पर सेवाएं शुरू होने जा रही हैं। जी, हां ट्रायल रन सफल होने के बाद कानपुर मेट्रो के 'कॉरिडोर-1' (आईआईटी से नौबस्ता) तक जल्द ही मेट्रो से सफर करने का सपना पूरा होने वाला है। इस 23.5 किलोमीटर लंबे रूट पर व्यावसायिक संचालन शुरू करने के लिए मेट्रो सुरक्षा निरीक्षण की प्रक्रिया हो चुकी है। माना जा रहा है कि जुलाई में ही इसका उद्घाटन हो सकता है।

निरीक्षण और सुरक्षा मानकों की परख

जून के आखिरी सप्ताह में निरीक्षण की शुरुआत से पूर्व, CMRS ने उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPMRC) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। मीडिया खबरों के मुताबिक, इसके बाद टीम ने नवीन मार्केट से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो में सफर कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान मोटर ट्राली के माध्यम से कानपुर सेंट्रल से झकरकटी के बीच डाउनलाइन टनल और ट्रैक की बारीकी से जांच की गई। 29 जून तक चलने वाले इस निरीक्षण के दौरान सिग्नलिंग, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, सिविल कार्य और स्टेशनों पर मौजूद फायर अलार्म व एस्केलेटर जैसी यात्री सुविधाओं के तकनीकी मानकों को परखा गया।

क्या होगा नया रूट और सुविधाएं?

वर्तमान में आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक 15 किलोमीटर की दूरी में 14 स्टेशन (9 एलिवेटेड और 5 अंडरग्राउंड) संचालित हैं। कॉरिडोर-1 के पूर्ण होने पर इसमें सात नए स्टेशन- झकरकटी, ट्रांसपोर्ट नगर, बारादेवी, किदवई नगर, वसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता जुड़ जाएंगे। इसके साथ ही कानपुर में कुल मेट्रो स्टेशनों की संख्या बढ़कर 21 हो जाएगी।

परियोजनाविवरण
परियोजना का नामकानपुर IIT-नौबस्ता मेट्रो
कानपुर IIT-नौबस्ता मेट्रो लाइन का नामऑरेंज लाइन
कानपुर IIT-नौबस्ता मेट्रो लाइन स्टेशन संख्या21
कानपुर IIT-नौबस्ता मेट्रो की टाइमिंगसुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक (संभावित)
कानपुर IIT-नौबस्ता मेट्रो इंटरचेंज स्टेशनकृषि विश्वविद्यालय
कानपुर ऑरेंज लाइन की लागत11,076.48 करोड़ रुपये (अनुमानित)
कानपुर मेट्रो स्पीड90 किमी./घंटे अधिकतम
कानपुर मेट्रो मालिकयूपीएमआरसी
कानपुर मेट्रो ट्रेन कोच संख्या3

कानपुर मेट्रो ऑरेंज लाइन मेट्रो स्टेशन

  • कानपुर आईआईटी
  • कल्याणपुर
  • एसपीएम अस्पताल
  • विश्वविद्यालय
  • गुरुदेव चौराहा
  • गीतानगर
  • रावतपुर
  • एलएलआर अस्पताल (हैलट)
  • मोतीझील
  • चुन्नीगंज
  • नवीन बाजार
  • बड़ा चौराहा
  • नयागंज
  • कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन
  • झकरकटी बस टर्मिनल
  • ट्रांसपोर्ट नगर
  • बारादेवी
  • किदवई नगर
  • वसंत विहार
  • बौद्ध नगर
  • नौबस्ता

जानकारी के लिए बताते चलें कि वर्तमान में करीब 24 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-1 में आईआईटी कानपुर (Kanpur IIT) से नौबस्ता के अंतर्गत मेट्रो की सेवाएं आईआईटी से कानपुर सेंट्रल के पहले 16 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर चल रही है। फिलहाल, आईआईटी से कानपुर तक आने में करीब 25 मिनट का समय लगता है। कयास लगाए जा रहे हैं कि आईआईटी से नौबस्ता तक आने में करीब को 35 से 40 मिनट तक समय लगेगा।

मेट्रो टाइमिंग और किराया

इस पूरे कॉरिडोर पर कुल 23 मेट्रो ट्रेनें संचालित की जाएंगी। आईआईटी से नौबस्ता तक की 23.5 किलोमीटर की दूरी यात्री महज 40 मिनट में तय कर सकेंगे। प्रस्तावित किराए के ढांचे के अनुसार, इस पूरे सफर का किराया 60 रुपये निर्धारित किया गया है। मेट्रो सेवा के पूर्ण रूप से शुरू हो जाने पर शहर के मुख्य मार्गों पर जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी और यात्रियों के समय की भारी बचत होगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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