Kumbh Rashi Shani Sade Sati Report (2023, 2024 - 2033): राशि चक्र की ग्यारहवीं राशि है कुंभ। ये वायु तत्व की तीसरी और स्थिर राशि है। इस राशि के स्वामी हैं शनि देव। कुंभ राशि के जातक तार्किक, चतुर और बुद्धिमान होते हैं। इन्हें भेड़ चाल चलना बिल्कुल भी पसंद नहीं होता ये हमेशा दूसरों से हटकर काम करते हैं। यही वजह है कि समाज में इनकी अलग पहचान होती है। इन्हें अपने काम में किसी की दखलअंदाजी बिल्कुल भी पसंद नहीं होती। कुंभ जातक दूसरों का कल्याण करने के लिए हमेशा आगे रहते हैं। ज्योतिष शास्त्र अनुसार वर्तमान में इस राशि वालों पर शनि साढ़े साती का दूसरा चरण चल रहा है। ऐसे में अगले 5 साल कुंभ वालों के लिए उतार-चढ़ाव से भरे साबित होने वाले हैं। हमारे इस आर्टिकल में आप जानेंगे कुंभ राशि पर शनि साढ़े साती के अगले 10 साल कैसे रहेंगे।
2023 से 2025 तक कुंभ राशि पर रहेगा शनि साढ़े साती का कष्टदायी चरण
17 जनवरी 2023 से कुंभ राशि वालों पर शनि साढ़े साती का दूसरा चरण शुरू हो गया है। ये चरण अमूमन सबसे ज्यादा कष्टदायी माना जाता है। इस चरण में व्यक्ति चारों तरफ से परेशानियों से घिर जाता है। कुंभ जातकों पर ये चरण 29 मार्च 2025 तक रहने वाला है। इसके बाद कुंभ जातकों पर शनि साढ़े साती का तीसरा चरण शुरू हो जाएगा।
कुंभ राशि की शनि साढ़े साती रिपोर्ट (2023 से 2033 तक)
| वर्ष | साढे साती | चरण | शनि गोचर राशि |
| 2023 | साढ़े साती | दूसरा | कुंभ |
| 2024 | साढ़े साती | दूसरा | कुंभ |
| 2025 | साढ़े साती | तीसरा | कुंभ (29 मार्च तक फिर मीन) |
| 2026 | साढ़े साती | तीसरा | मीन |
| 2027 | साढ़े साती 3 जून तक | तीसरा | मीन (3 जून तक) |
| 2027 | साढ़े साती नहीं रहेगी | मेष (3 जून से 20 अक्टूबर तक) | |
| 2027 | साढ़े साती | तीसरा | मीन (20 अक्टूबर 2027 से) |
| 2028 | साढ़े साती | तीसरा | मीन (23 फरवरी 2028 तक) |
| 2028 | शनि की दशा नहीं | मेष (23 फरवरी 2028 से ) | |
| 2029 | शनि की दशा नहीं | मेष (8 अगस्त 2029 तक) | |
| 2029 | शनि की दशा नहीं | वृषभ (8 अगस्त से 5 अक्टूबर तक) | |
| 2029 | शनि की दशा नहीं | मेष (5 अक्टूबर 2029 से) | |
| 2030 | शनि की दशा नहीं | मेष (17 अप्रैल तक फिर वृषभ) | |
| 2031 | शनि की दशा नहीं | वृषभ | |
| 2032 | शनि की दशा नहीं | वृषभ (31 मई तक फिर मिथुन) | |
| 2033 | शनि की दशा नहीं | मिथुन |
कुंभ राशि वाले शनि साढ़े साती से बचने के लिए करें ये उपाय (Shani Sade Sati Upay For Kumbh Rashi)
शनि देव को शमी के पत्ते अर्पित करें ऐसा करने से शनि देव तुरंत ही प्रसन्न हो जाएंगे। शनि देव का प्रिय रंग नीला माना जाता है। इसलिए उन्हें नीले रंग के अपराजिता के फूल और नीले वस्त्र जरूर अर्पित करें। शनिवार के दिन शनि देव का सरसों के तेल से अभिषेक करें। ऐसा करने से शनि दोष से छुटकारा मिल जाएगा।
