Kanya Pujan Samagri List: नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि को कन्या पूजन किए जाने का विधान है। पंचांग अनुसार शारदीय नवरात्रि 2023 की अष्टमी 22 अक्टूबर को है तो नवमी 23 अक्टूबर को पड़ रही है (Shardiya Navratri Ashtami 2023)। शास्त्रों में कन्या पूजन का विशेष महत्त्व बताया गया है। इस दौरान कन्याओं को मां दुर्गा का रूप मानकर उनकी विधिवत पूजा की जाती है साथ ही उन्हें हलवा-पूरी खिलाई जाती है। ऐसी मान्यता है कि कन्या पूजन से मां अंबे की विशेष कृपा प्राप्त होती है। जानिए कन्या पूजन में किन-किन चीजों की जरूरत पड़ती है।
कन्या पूजन सामग्री (Kanya Pujan Samagri)
- साफ जल (जिससे कन्याओं का पैर धुलाना है)
- साफ कपड़ा (जिससे कन्याओं का पैर पोंछना है)
- रोली (कन्याओं के माथे पर टीका लगाने के लिए)
- कलावा (हाथ में बांधने के लिए)
- चावल (टीके के साथ लगाने के लिए)
- फूल (कन्याओं पर चढ़ाने के लिए)
- चुन्नी (कन्याओं को उढ़ाने के लिए)
- फल (कन्याओं के खाने के लिए)
- मिठाई (कन्याओं के भोग के लिए)
- हलवा-पूरी और चना (कन्याओं का भोजन)
कन्या पूजन विधि (Kanya Pujan Vidhi)
अष्टमी या नवमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें। इसके बाद भगवान गणेश और महागौरी की पूजा करें। कन्या पूजन के लिए कन्याओं को और एक बालक को आमंत्रित करें। कन्या पूजन से पहले घर की अच्छे से साफ-सफाई कर लें। जब कन्याएं घर में आएं तो माता का जयकारा लगाना चाहिए। इसके बाद सभी कन्याओं का पैर खुद अपने हाथों से धुलें और पोछें। इसके बाद उनके माथे पर कुमकुम और अक्षत का टीका लगाएं। फिर उनके हाथ में मौली या कलावा बाधें। एक थाली में घी का दीपक जलाकर सभी कन्याओं की आरती उतारें। आरती के बाद सभी कन्याओं हलवा-पूरी, चना का भोग लगाएं। भोजन के बात अपनी सामर्थ अनुसार कन्याओं को कुछ न कुछ भेंट जरूर दें। आखिरी में कन्याओं का पैर छूकर उनका आशीर्वाद जरूर प्राप्त करें।
