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Kajari Teej Vrat Niyam In Hindi: गर्भवती महिलाएं कजरी तीज का व्रत कैसे रखें, जानिए सातुड़ी तीज व्रत के नियम

Kajari Teej Vrat Vidhi, Niyam In Hindi (सातुड़ी तीज व्रत विधि): कजरी तीज का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। कहते हैं जो महिला इस व्रत को पूरे विधि विधान से रखती है उसके दांपत्य जीवन में सदैव खुशियां बनी रहती हैं। चलिए जानते हैं कजरी तीज की व्रत विधि क्या है।

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Kajari Teej Vrat Niyam In Hindi

Kajari Teej Vrat Vidhi, Niyam In Hindi (कजरी तीज व्रत विधि): कजरी तीज का व्रत सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं। इस साल ये व्रत 22 अगस्त को रखा जाएगा। मुख्य रूप से ये तीज राजस्थान, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और बिहार में मनाई जाती है। इसे कई जगह सातुड़ी तीज तो कहीं अखा तीज के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। यानि कि इस व्रत में अन्न और जल का सेवन नहीं किया जाता है। चलिए जानते हैं कजरी तीज की व्रत विधि।

कजरी तीज व्रत विधि (Kajari Teej Vrat Vidhi In Hindi)

  • कजरी तीज व्रत कुंवारी कन्याओं और शादीशुदा महिलाओं दोनों के लिए शुभ माना जाता है।
  • जो महिलाएं ये व्रत रखती हैं उन्हें इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है।
  • इस व्रत में अन्न और जल कुछ भी ग्रहण नहीं किया जाता है। हालांकि गर्भवती और बीमार महिलाएं इस व्रत में फलाहार ले सकती हैं।
  • इस व्रत में शाम के समय शिव-पार्वती की पूजा की जाती है।
  • साथ ही शाम में कजरी तीज की कथा भी सुनी जाती है।
  • कथा के बाद माता पार्वती की आरती जरूर करें।
  • इसके बाद शाम में चंद्र दर्शन के बाद अपना व्रत खोल लें।
  • इस दिन व्रती महिलाओं को माता पार्वती को 16 श्रृंगार सामग्री जरूर चढ़ानी चाहिए।

कजरी तीज व्रत नियम (Kajari Teej Vrat Niyam In Hindi)

  • कजरी तीज में झूला झुलाने की परंपरा निभाई जाती है।
  • इस दिन सुहागिन महिलाओं को 16 श्रृंगार करना चाहिए।
  • संभव हो तो इस दिन व्रती महिलाओं को हरे रंग के वस्त्र पहनने चाहिए।
  • व्रत में सोना नहीं चाहिए। दिन भर शिव-पार्वती के नाम का भजन करें।
  • इस व्रत में अन्न और जल ग्रहण नहीं किया जाता।
  • व्रत वाले दिन किसी को गलत शब्द न बोलें।
  • ब्रह्मचर्य का पालन करें।

कजरी तीज पूजा सामग्री (Kajari Teej Samagri In Hindi)

शिव-पार्वती की मूर्ति, नारियल, नए वस्त्र, बेलपत्र, शमी के पत्ते, अक्षत, दही, शहद, मिश्री, सुपारी, कलश, घी, कपूर, कच्चा सूत, दुर्वा, पीले वस्त्र, दूध और सुहाग सामग्री।

Laveena Sharma
लवीना शर्मा author

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करि... और देखें

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