Jaya Ekadashi Kab Hai 2024: जया एकादशी का व्रत बहुत ही पुण्यदायी माना जाता है। मान्यता है इस दिन जो भी भक्त श्रद्धापूर्वक व्रत-पूजन करता है उसे भूत-प्रेत, पिशाच जैसी योनियों में जाने से छुटकारा मिल जाता है। इस साल जया एकादशी व्रत 21 फरवरी को पड़ रहा है। एकादशी तिथि का प्रारंभ 19 फरवरी की सुबह 8 बजकर 49 मिनट से होगा और इसकी समाप्ति 20 फरवरी की सुबह 9 बजकर 55 मिनट पर होगी। जानिए जया एकादशी का महत्व।
जया एकादशी 2024 तिथि व मुहूर्त (Jaya Ekadashi 2024 Date And Time)
जया एकादशी- 20 फरवरी 2024
जया एकादशी पारण समय - 06:55 AM से 09:11 AM
पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय - 11:27 AM
एकादशी तिथि प्रारम्भ - 19 फरवरी 2024 को 08:49 AM बजे
एकादशी तिथि समाप्त - 20 फरवरी 2024 को 09:55 AM बजे
जया एकादशी व्रत पूजा विधि (Jaya Ekadashi Puja Vidhi)
- एकादशी व्रत रखने वाले उपासक को व्रत के नियमों का एक दिन पहले से ही पालन शुरू कर देना चाहिए।
- व्रत से एक दिन पहले यानी दशमी के दिन एक ही समय सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए।
- व्रती को इस दिन ब्रह्मचार्य का पालन करना चाहिए।
- फिर व्रत वाले दिन प्रात:काल स्नान के बाद व्रत का संकल्प लेकर धूप, दीप, फल और पंचामृत आदि से भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए।
- फिर रात में जागरण करना चाहिए।
- द्वादशी के दिन किसी जरुरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को भोजन कराने के बाद अपना व्रत खोलना चाहिए।
जया एकादशी पर क्या करें-क्या ना करें (Jaya Ekadashi Par Kya Kare-Kya Na Kare)
- इस दिन पवित्र गंगा नदी में स्नान जरूर करें और इसके बाद दान पुण्य करें।
- अगर गंगा नदी में स्नान नहीं कर सकते हैं तो घर पर ही नहाने का पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें।
- इस दिन चावल भूल से भी न खाएं।
- जया एकादशी का व्रत रखने से समस्त पापों से छुटकारा मिलता है और अच्छा स्वास्थ्य, सम्मान, बुद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
- इस दिन तामसिक भोजन और नशीले पदार्थों का सेवन भूलकर भी न करें।
जया एकादशी का महत्व (Jaya Ekadashi Ka Mahatva)
जया एकादशी के महत्व का वर्णन ‘पद्म पुराण’ में किया गया है। कहते हैं भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को इस एकादशी के महत्व के बारे में बताया था कि कैसे ये व्रत सभी पापों से मुक्ति दिला सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य की प्राप्ति होती है।
