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January Amavasya 2025: जनवरी के महीने में कब है अमावस्या? यहां जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

January Amavasya 2025: सनातन धर्म में हर मास की अमावस्या तिथि का अपना खास महत्व है, लेकिन जनवरी महीने की अमावस्या बहुत विशेष होती है। आइए जानें जनवरी के महीने में अमावस्या तिथि कब पड़ रही है।

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January Amavasya 2025

January Amavasya 2025 (जनवरी अमावस्या 2025 डेट): जनवरी महीने की अमावस्या को माघ अमावस्या या मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। हर अमावस्या अपने आप में बहुत ही खास मानी जाती है। ये तिथि गंगा स्नान और दान के लिए उत्तम होती है। जनवरी अमावस्या मौनी अमावस्या होती है, इसलिए धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अमावस्या पर मौन रहकर व्रत और साधना की जाती है। इस दिन मौन धारण किया जाता है और भगवान विष्णु की पूजा- अर्चना की जाती है। अमावस्या तिथि पर पितरों की पूजा का भी विधान है। आइए जानें साल 2025 में जनवरी के महीने में अमावस्या तिथि कब पड़ रही है।

January Amavasya 2025 (जनवरी अमावस्या 2025 डेट)

हिंदू पंचांग के अनुसार जनवरी महीने की अमावस्या तिथि की शुरुआत 28 जनवरी की शाम को 7 बजकर 35 मिनट पर होगा। वहीं इस तिथि का समापन 29 जनवरी 2025 को शाम 6 बजकर 5 मिनट पर होगा। ऐसे में मौनी अमावस्या का व्रत 29 जनवरी 2025 को रखा जाएगा।

January Amavasya 2025 Shubh Muhurat (जनवरी 2025 अमावस्या शुभ मुहूर्त)

  • ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 05:25 से 06:18 तक रहेगा।
  • विजय मुहूर्त - दोपहर 02:22 से 03:05 बजे तक रहेगा।
  • गोधूलि मुहूर्त - शाम 05:55 से 06:22 बजे तक रहेगा।
  • स्नान-दान का शुभ मुहूर्त - 29 जनवरी सुबह 5:25 बजे से 6:18 तक रहेगा।
  • संध्याकाल की पूजा का मुहूर्त - 29 जनवरी को 5:51 बजे से 7:11 बजे तक रहेगा।

January Amavasya 2025 Puja Vidhi (जनवरी अमावस्या पूजा विधि)

  • जनवरी अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
  • इसके बाद साफ वस्त्र धारण करें और सूर्य देवता को जल अर्पित करें।
  • उसके बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करें।
  • अमावस्या तिथि के दिन पितरों की पूजा करें और अपनी क्षमतानुसार दान करें।

January Amavasya Mahatav (जनवरी अमावस्या महत्व)

शास्त्रों में जनवरी महीने की अमावस्या तिथि का बहुत ही खास महत्व है। जनवरी महीने की मौनी अमावस्या के दिन व्रत रखने से और मौन धारण करने से साधक की वाणी और आत्मा की शुद्धि प्राप्त होती है। इस दिन का व्रत करने से और पूजा- अर्चना करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। मौनी अमावस्या का व्रत रखने से साधक को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

Jayanti Jha
जयंती झाauthor

बिहार के मधुबनी जिले से की रहने वाली हूं, लेकिन शिक्षा की शुरुआत उत्तर प्रदेश की गजियाबाद जिले से हुई। दिल्ली विश्वविद्यायलय से हिंदी ऑनर्स से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से हिंदी में मास्टर्स की डिग्री ली और इसके साथ ही दिल्ली के विवेकानंद कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता में डिपलोमा किया। डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में रफ्तार से हुई। अगस्त 2023 से Times Network में timesnowhindi.com के फीचर टीम के साथ जुड़ी हूं। इससे पहले vianet media pvt. ltd में बतौरा हिंदी टाइपिस्ट 1 साल काम किया। रफ्तार में रहकर आध्यात्म पर लिखना शुरू किया । आध्यात्म के बारे में जानना और उसके बारे में चर्चा करना पसंद है। ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों के बारे में जानना बहुत पसंद है। लोगों तक सही जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता रहती है।

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