Janmashtami Vrat Niyam,
हालांकि इस बार जन्माष्टमी का पर्व 06 और 07 सितंबर दो दिन मनाया जा (
वहीं निसंतान को संतान की प्राप्ति होती है और संतान के जीवन में आने वाले सभी कष्टों का निवारण होता है। हालांकि इस दिन कुछ कार्यों की मनाही होती है। जी हां इस दिन व्रत के कुछ नियमों का पालन करना चाहिए। ऐसे में यहां आप जान सकते हैं कि जन्माष्टमी के व्रत में पानी पीना चाहिए या नहीं? तुलसी का पत्ता तोड़ना चाहिए या नहीं? जन्माष्टमी पर क्या करें क्या ना करें?
Janmashtami 2023 Date Kab Hai, Shubh Muhurat: कब है जन्माष्टमी
हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। अष्टमी तिथि 06 सितंबर को दोपहर 03 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर 07 सितंबर 2023, गुरुवार को शाम 04 बजकर 14 मिनट पर समाप्त हो रही है। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 11:57 से 12:41 तक है।Janmashtami Vrat Ke Niyam In Hindi: जन्माष्टमी पर क्या करें
- जन्माष्टमी के दिन सूर्योदय से पहले स्नान आदि कर निवृत्त हो जाएं।
- इस दिन पूरे दिन राधा कृष्णा के नाम का जप करें।
- भगवान श्री कृष्ण धूप दीप कर माखन मिश्री का भोग लगाएं।
- बाल गोपाल के लिए छोटा सा झूला बनाएं और कन्हैया जी को झूला झुलाएं।
- साथ ही ध्यान रहे जन्माष्टमी के व्रत में केवल फलों का सेवन करना चाहिए।
- जन्माष्टमी के दिन जरूरतमंद, गरीब व ब्राह्मणों को फल फूल पैसे अन्न जल का दान करें।
Janmashtami Vrat Niyam: जन्माष्टमी के दिन क्या ना करें
- ध्यान रहे जन्माष्टमी से एक दिन पहले सात्विक भोजन ग्रहण करें।
- भूलवश मांस मदिरा, सुपारी, तंबाकू का सेवन ना करें।
- कहा जाता है कि जन्माष्टमी के एक दिन पहले से स्त्री व पुरुष को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
- इस दिन भूलवश किसी बड़े बूढ़े का अपमान ना करें।
- जन्माष्टमी के दिन तुलसी का पत्ता तोड़ना निषेध माना जाता है। ऐसे में गलती से भी तुलसी के पत्तों को ना तोड़ें।
- जन्माष्टमी के दिन गाय की पूजा की जाती है। ऐसे में भूलवश गाय को ना सताएं।
Disclaimer
यहां दी गई तमाम जानकारियां सामाजिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।
