Jagannath Ji Ki Aarti: भगवान जगन्नाथ श्री हरि विष्णु के अवतार माने जाते हैं। ये भगवान कृष्ण का ही एक रूप है। भारत के ओड़िशा राज्य के पुरी में इनका मंदिर स्थित है। यहां भगवान जगन्नाथ के साथ उनकी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र की भी पूजा होती है। इस मंदिर में हर साल रथ यात्रा निकाली जाती है। जिसे जगन्नाथ रथ यात्रा (Jagannath Rath Yatra 2023) के नाम से जाना जाता है। ऐसी मान्यता है जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान जगन्नाथ की पूजा करता है उसके सारे दुख दूर हो जाते हैं। यहां देखिए जगन्नाथ भगवान की आरती (Jagannath Bhagwan Ki Aarti)।क्यों विश्व प्रसिद्ध है जगन्नाथ रथ यात्रा, इन 10 बिंदुओं से समझें
आरती श्री जगन्नाथ
आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,
मंगलकारी नाथ आपादा हरि,
कंचन को धुप दीप ज्योत जगमगी,
अगर कपूर बाटी भव से धारी,
आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,
घर घरन बजता बाजे बंसुरी,
घर घरन बजता बाजे बंसुरी,
झांझ या मृदंग बाजे, ताल खनजरी,
आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,
निरखत मुखारविंद परसोत चरनारविन्द आपादा हरि,
जगन्नाथ स्वामी के अताको चढे वेद की धुवानी,
जगन्नाथ स्वामी के भोग लागो बैकुंठपुरी,
आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,
इंद्र दमन सिंह गजे रोहिणी खड़ी,
इंद्र दमन सिंह गजे रोहिणी खड़ी,
मार्कंडेय स्व गंगा आनंद भरि,
आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,
सरनार मुनि द्वारे तदे ब्रह्म वेद भानी,
सरनार मुनि द्वारे तदे ब्रह्म वेद भानी,
धन धन ओह सुर स्वामी आनंद गढ़ी,
आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,
आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,
मंगलकारी नाथ आपादा हरि,
कंचन को धुप दीप ज्योत जगमगी,
अगर कपूर बाटी भव से धारी,
आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी
जगन्नाथ भगवान की आरती बेहद शुभ फलदायी मानी जाती है। कहते हैं जो व्यक्ति जगन्नाथ जी की विधि विधान पूजा करता है और पूजा के समय इस आरती को गाता है उसकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।
