Vastu tips: हिंदू धर्म में देवी-देवताओं को किसी न किसी पशु या पक्षी के साथ दिखाया गया है। धार्मिक मान्यता है कि देवी और देवता इन पशु-पक्षियों का उपयोग अपने वाहन के रूप में करते थे। इसलिए, देवी-देवताओं के साथ इन पशु पक्षी की भी पूजा की जाती है। उल्लू को मां लक्ष्मी का वाहक माना गया है। उल्लू के साथ अजीब-अजीब धारणाएं, मान्यताएं और अंधविश्वास जुड़ा हुआ है। कुछ लोग इसे शुभ तो कुछ अशुभ मानते हैं। ज्योतिष शास्त्र में उल्लू भाग्यवान और धन विस्तार करने का एक प्रतीक माना गया है। वहीं, वास्तु शास्त्र में उल्लू को घर और ऑफिस में रखने की पूरी विधि बताई गई है।
आर्थिक तरक्की के लिए पीतल का जोड़े में उल्लू फलदायी
घर और ऑफिस में आप उल्लू की मूर्ति से लेकर इसके सिंबल तक रख सकते हैं। इनके रहने से नेगेटिव एनर्जी दूर होती है और पॉजिटीव एनर्जी का संचार होता है। हालांकि आर्थिक तरक्की के पीतल से बना उल्लू की मूर्ति जोड़े में रखना ज्यादा फलदायी होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऑफिस या घर में उल्लू की मूर्ति रखने से पहले उसे गंगाजल से स्नान करा कुछ समय के लिए पूजा घर में मां लक्ष्मी की मूर्ति के पास रख दें। इसके बाद इसे अपनी पसंदीदा जगह पर स्थापित करें। इस दौरान ध्यान रखें कि दोनों जोड़े में ही रहें।
घर में उल्लू का पूरा परिवार फायदेमंद
घर में उल्लू की मूर्ति या तस्वीर लगाने से खुशहाली आती हैं और रिश्ते भी मधुर होते हैं। घर में आप मूर्ति के अलावा उल्लू से जुड़ा सिंबल और तस्वीर भी लगा सकते हैं। फेंग शुई के मुताबिक, उल्लू के सिंबल को आप घर में लटका भी सकते हैं। जहां पर उल्लू को रखेंगे, वहां पर आपको पॉजिटिव एनर्जी फील होगी। उल्लू के घर में रहने से बुरी नजर से बचाव होता है। वास्तु शास्त्र में उल्लू के पूरे परिवार को स्थापित करना शुभ माना गया है। घर में आप उल्लू की मूर्ति या तस्वीर ऐसी जगह पर रखें, जिससे उसकी नजर गेट की तरफ हो। इससे नेगेटिव एनर्जी घर में नहीं आती और घर-परिवार तरक्की के रास्ते पर चलता रहता है।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
