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Bihar Flood News: बाढ़ से बेहाल बिहार, गंगा-गंडक-पुनपुन में उफान, टापू जैसा बना पटना

Bihar Flood News: बिहार में गंगा, गंडक, सोन और पुनपुन नदियों में जबरदस्त उफान है। राज्य के 12 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। पटना और कटिहार में जलभराव से रेल यातायात सहित जनजीवन प्रभावित है।

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बिहार में बाढ़ से हालात खराब, नदियां उफान पर

Photo : PTI

Bihar Flood News: बिहार इन दिनों बाढ़ से बेहाल है। गंगा, गंडक, सोन और पुनपुन जैसी नदियों में उफान है। नदियों की बाढ़ के चलते कई इलाके पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं। बाढ़ के चलते लोगों की परेशानियां काफी बढ़ी हुई है और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है। नदियों में आए उफान के चलते राज्य के 12 जिले बाढ़ प्रभावित हैं। चलिए जानते हैं बिहार में बाढ़ की स्थिति -

राजधानी पटना और आसपास के इलाकों में भी बाढ़ से स्थिति भयावह है। पुनपुन नदी के जलस्तर में हुई बेतहाशा वृद्धि के चलते पटना से सटे पुनपुन बाजार में भी पानी भर गया है। दुकानें, मकान सब जलमग्न हैं। लोग इसी पानी के बीच से चलकर आने-जाने को विवश हैं। यहां कुछ लोग ड्रम और थर्माकोल से जुगाड़ की नाव बनाकर भी काम चला रहे हैं।

पुनपुन नदी के जल से रेल ब्रिज को खतरा

पुनपुन नदी में जलस्तर बढ़ने का असर पटना-गया रेल मार्ग पर भी पड़ने लगा है। यहां रेल ब्रिज से पुनपुन नदी सिर्फ एक से डेढ़ फीट नीचे बह रही है। यहां बढ़ते जलस्तर से खतरा अब रेलवे ब्रिज पर भी है। फिलहाल इस रूट पर कई ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया है। रेलवे ब्रिज के बगल में लक्ष्मण झूला ब्रिज पर भी गाड़ियों का परिचालन रोका गया है।

कटिहार में स्थिति भयावह

गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से कटिहा में लोग काफी परेशान हैं। यहां गंगा नदी में बढ़े जलस्तर का असर अब रेल यातायात पर भी देखने को मिल रहा है। कटिहार से मनिहारी तेजनारायणपुर के बीच रेल ट्रैक सिग्नल टोला के पासगंगा के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने से पानी पटरियों के नीचे से रिसने लगा है। इसके चलते स्थानीय लोगों में डर का माहौल है कि अगर ट्रेन आएगी तो फिर पटरी धंस सकती है। सूचना मिलते ही रेल प्रशासन हरकत में आया और तुरंत उपाय किए गए। रेलवे की तरफ से पटरियों के किनारे बालू के बैग को लगाया गया, ताकि पानी को रोका जा सके। हालांकि, इसके बावजूद भी रेलवे पटरी के नीचे से पानी का रिसाव जारी है।

सांसद पप्पू यादव ने जताई गंभीर चिंता

बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने गंभीर चिंता जताई है। कांग्रेस नेता ने बुधवार को दावा किया कि राज्य के 22 जिलों में लगभग 55 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। उनके मुताबिक बक्सर से लेकर मनिहारी तक बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है, जबकि भागलपुर, पटना, बेगूसराय और मुंगेर के कई इलाकों में भी पानी भर गया है।

पप्पू यादव ने कहा कि बाढ़ ने गरीबों के साथ-साथ लोअर मिडल क्लास और मिडल क्लास की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। उन्होंने पटना की स्थिति को विशेष रूप से गंभीर बताते हुए कहा कि शहर में सिर्फ 4-5 किलोमीटर का ऊंचा इलाका ही दिखाई दे रहा है। यानी पटना टापू जैसा नजर आ रहा है।

सांसद ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कई घाटों पर महिलाएं फर्श पर सोने को मजबूर हैं, जबकि पशु बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। चारे के भीग जाने से पशुपालकों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।

दूध, दवा और बिजली की कमी का आरोप

पप्पू यादव ने प्रभावित इलाकों में उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया। पप्पू यादव ने दावा किया कि बाढ़ प्रभावित कई क्षेत्रों में बच्चों के लिए दूध उपलब्ध नहीं है और दवाओं की भी कमी हो रही है। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित होने की बात भी उन्होंने कही। उनके मुताबिक लोगों को बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

20 हजार लोगों को सुरक्षित निकाला गया

उधर, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कल यानी मंगलवार 8 सितंबर को बाढ़ से निपटने के लिए सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नेपाल और तिब्बत के ऊपरी क्षेत्रों से अचानक पानी बढ़ने के कारण बिहार के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हुआ।

मुख्यमंत्री के मुताबिक राज्य सरकार ने NDRF और SDRF की टीमें तैनात कर नदी के किनारे और जोखिम वाले क्षेत्रों में फंसे करीब 20 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। विस्थापित लोगों के लिए दो से तीन दिन तक सामुदायिक रसोई भी संचालित की गईं।

उन्होंने कहा कि बिहार निचले प्रवाह वाला राज्य होने के कारण बाढ़ के प्रति बेहद संवेदनशील है। सरकार तत्काल राहत के साथ-साथ भविष्य में बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए नदी जोड़ने और बांध निर्माण से जुड़ी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पर भी काम कर रही है।

Saket kumar
साकेत कुमारauthor

साकेत कुमार के पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 18 वर्षों का लंबा अनुभव है। वर्तमान में वह Times Now Navbharat के पटना ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं और बिहार की राजनीति, प्रशासन, सामाजिक मुद्दों और ग्राउंड रिपोर्टिंग में गहरी पकड़ रखते हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण खबरों को कवर किया है और निष्पक्ष, तथ्यपरक और सटीक रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। साकेट की रिपोर्टिंग में जमीनी हकीकत, गहन रिसर्च और दर्शकों तक सटीक जानकारी पहुंचाने की प्रतिबद्धता साफ दिखाई देती है।

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