अध्यात्म

Indreshwar Temple: देश के इस मंदिर में बारिश के लिए होती है पूजा,इतने साल से ये परंपरा निभा रहे हैं लोग

Indreshwar Temple: इंद्रेश्वर महादेव मंदिर एक इंदौर में स्थित है। इस मंदिर के नाम पर ही इंदौरा का नाम रखा गया है। ये मंदिर बहुत सारे कारणों की वजह से बहुत खास है। इस मंदिर में बारिश होने के लिए भगवान शिव की पूजा की जाती है। आइए जानें इस मंदिर के बारे में।

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Indreshwar Temple

Indreshwar Temple: इंदौर में एक ऐसा प्राचनी शिव मंदिर है। जिसका नाम इंद्रेश्वर महादेव है। इंद्रेश्वर महादेव मंदिर मध्यक्षेत्र में पंढरीनाथ थाने के पीछे इंदौर में स्थित है। इस मंदिर के नाम पर इंदौर शहर का नाम भी रखा गया है। इस मंदिर को लेकर ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में पूजा करने से झमाझम बारिश होती है। इस मंदिर में लाखों श्रद्धालु और क्षेत्रीय लोग से लेकर राजनेत तक हर साल अच्छी बारिश के लिए शिव जी का जलाभिषेक करते हैं। वहां के स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर यदि भगवान शिव के जलाभिषेक वाले जल को बोरिंग बनाने से पहले बोरिंग वाले स्थान पर डाल दिया जाए तो वहां से पहले ही जल निकलने लगता है। तपती गर्मी से राहत पाने के लिए और अच्छी फसल के लिए इस मंदिर में विधिवत शिव जी की पूजा की जाती है। आइए जानें इस मंदिर के इतिहास के बारे में।

इंद्र ने की थी तपस्या

इस मंदिर को पौराणिक मान्यता है कि यहां पर भगवान इंद्र ने तपस्या की थी। जब भगवान इंद्र को सफेद दाग वाला रोग हो गया था। तब उन्होंने यहां पर तप किया। इस तप करने से इंद्र को रोग से छुटकारा मिल गया। इंद्रेश्वर मंदिर के शिवलिंग को कान्हा नदी से निकलवाकर स्वामी इंद्रपुरी मंदिर में स्थापित किया। इंद्र के द्वारा तपस्या करने के कारण ही इस मंदिर का नाम इंद्रेश्वर महादेव मंदिर पड़ा। इंद्र देवता को जल का देवता माना जाता है, इसलिए इस मंदिर में अच्छी बारिश के लिए पूजा की जाती है।

प्राचनी समय से चली आ रही है परंपरा

इंद्रेश्वर मंदिर में बारिश के लिए पूजा करने की परंपरा बहुत प्राचीन समय से चली आ रही है। यहां पर भीष्ण गर्मी से परेशान होकर और अच्छी फसल के लिए अच्छी बारिश हो इसकी कामना की जाती है। यहां के स्थानीय लोगों से लेकर जनप्रतिनिधि तक इस मंदिर में आकर शिव जी का जलाभिषेक करते हैं। इस मंदिर में पूजा करने से शिव की कृपा से इंदौर में अच्छी बारिश होती है।
Jayanti Jha
जयंती झाauthor

बिहार के मधुबनी जिले से की रहने वाली हूं, लेकिन शिक्षा की शुरुआत उत्तर प्रदेश की गजियाबाद जिले से हुई। दिल्ली विश्वविद्यायलय से हिंदी ऑनर्स से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से हिंदी में मास्टर्स की डिग्री ली और इसके साथ ही दिल्ली के विवेकानंद कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता में डिपलोमा किया। डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में रफ्तार से हुई। अगस्त 2023 से Times Network में timesnowhindi.com के फीचर टीम के साथ जुड़ी हूं। इससे पहले vianet media pvt. ltd में बतौरा हिंदी टाइपिस्ट 1 साल काम किया। रफ्तार में रहकर आध्यात्म पर लिखना शुरू किया । आध्यात्म के बारे में जानना और उसके बारे में चर्चा करना पसंद है। ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों के बारे में जानना बहुत पसंद है। लोगों तक सही जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता रहती है।

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