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'मुझे दिमागी नक्सली कहलाने पर खुशी है', PM मोदी पर चिदंबरम ने किया पलटवार;'नाराज फूफा' पर भी कह दी बड़ी बात

चिदंबरम ने प्रधानमंत्री मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि इस तरह के शब्दों का राजनीतिक बहस में कोई खास अर्थ नहीं निकलता। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को स्वघोषित कवि करार देते हुए कहा कि वे गुजराती में कविताएं लिखते हैं और इस तरह के नए-नए शब्द और जुमले गढ़ते रहते हैं

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पी चिदंबरम

Photo : PTI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के‘दिमागी नक्सल’ और ‘नाराज फूफा’ वाले बयान पर सियासी घमासान मचा हुआ है। पीएम मोदी के इस तंज को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी.चिदंबरम के बीच ठन गई है। चिदंबरम ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर उन्हें ‘दिमागी नक्सली’ कहा जा रहा है तो उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है, बल्कि वह इसे लेकर खुश और गर्व महसूस करते हैं।

चिदंबरम ने प्रधानमंत्री मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि इस तरह के शब्दों का राजनीतिक बहस में कोई खास अर्थ नहीं निकलता। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को स्वघोषित कवि करार देते हुए कहा कि वे गुजराती में कविताएं लिखते हैं और इस तरह के नए-नए शब्द और जुमले गढ़ते रहते हैं और बाद में उनका अंग्रेजी में अनुवाद किया जाता है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पिछले 12 सालों में प्रधानमंत्री मोदी ने 'अच्छे दिन आने वाले हैं' जैसे करीब 20-25 नारे दिए हैं। अब हाल में उन्होंने दो नारे ‘दिमागी नक्सली’ और ‘नाराज फूफा’ लॉन्च किए हैं।

‘दिमागी नक्सली’ कहलाने पर जताई खुशी

इस दौरान चिदंबरम ने कहा कि उन्हें ‘दिमागी नक्सली’ कहे जाने से कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कम से कम वह बेवकूफ नक्सली नहीं हैं। इस दौरान पी चिदंबरम ने इस टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर बने मीम्स और Gen Z की प्रतिक्रियाओं का भी उल्लेख किया।

‘नाराज फूफा’ वाले बयान पर भी साधा निशाना

चिदंबरम ने प्रधानमंत्री के ‘नाराज फूफा’ वाले बयान को भी निशाने पर लिया। उन्होंने सवाल उठाया कि इस तरह की उपमा का आखिर राजनीतिक बहस में क्या अर्थ है। उनके मुताबिक, विपक्ष की ओर से सरकार की नीतियों या फैसलों पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

सनद रहे कि प्रधानमंत्री मोदी ने हाल में अपने संबोधन के दौरान सरकार की योजनाओं और विकास परियोजनाओं की आलोचना करने वाले लोगों को ‘नाराज फूफा’ करार दिया था, हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया था। इससे पहले भी वह विपक्षी आलोचकों के लिए इसी तरह की उपमाओं का इस्तेमाल कर चुके हैं।

PM मोदी ने ‘दिमागी नक्सल’ को लेकर क्या कहा था?

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा था कि देश को सिर्फ हथियारबंद नक्सलवाद से नहीं, बल्कि उस विचारधारा से भी सतर्क रहने की जरूरत है जो संस्थानों और समाज में ऐसी मानसिकता को बढ़ावा देती है। पीएम मोदी ने कहा था कि देश में जंगलों से जुड़े नक्सली हिंसा के खिलाफ लड़ाई में बड़ी प्रगति हुई है, लेकिन वैचारिक स्तर पर मौजूद चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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