ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले बड़े मंगल पर विधि विधान से श्री हनुमान की पूजा करने से व्यक्ति को कई कष्टों और बाधाओं से मुक्ति मिलती है। ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले ये मंगलवार काफी खास माने जाते हैं। इस बार कुल 5 मंगलवार पड़ेंगे। वहीं इस महीने का पहला बड़ा मंगलवार 13 मई को और आखिरी 10 जून को पड़ रहा है। कुछ चमत्कारी मंत्र और उपाय हैं जिससे अंजनि पुत्र प्रसन्न होते हैं और दुख दर्द से मुक्ति दिलाते हैं।
ऐसे मंत्र जो नकारात्मकता को दूर करते हैं, शत्रुओं को हावी नहीं होने देते और नौकरी में आ रही बाधा से मुक्त करते हैं। आइए ऐसे ही मंत्रों के बारे में जान लेते हैं। बड़े मंगल पर आप हनुमान जी के मंत्र का जाप करने से हर प्रकार की बाधा का नाश होता है। ॐ दक्षिणमुखाय पच्चमुख हनुमते करालबदनाय के जाप से व्यक्ति प्रेत बाधा एवं अन्य नकारात्मक शक्तियों से बचा रहता है।
मर्कटेश महोत्साह सर्वशोक विनाशन। मान्यता है कि इस मंत्र जाप से नौकरी में आ रही बाधा दूर होती है। इसका कम से कम 108 बार जाप जरूर करना चाहिए। ऊं हं हनुमते नम:। ये मंत्र अत्यंत ही लाभकारी माना जाता है। कहते हैं इस मंत्र के जाप से व्यक्ति को हर कष्ट और रोग से मुक्ति मिलती है।
ज्येष्ठ माह की शुरुआत मंगलवार 13 मई से होने जा रही है जो शुरू होकर 10 जून तक चलेगा।
हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए 13 मई से 10 जून के बीच कुछ विशेष उपाय से भी जिंदगी की बाधाएं दूर हो सकती हैं। ये उपाय उनके भोग से संबंधित हैं। सुंदरकांड, श्री हनुमान महाउपासना, हनुमान जी के मन्त्र और अष्टोत्तरशत नाम जैसे ग्रंथों में हनुमान जी को भोग से संबंधित जानकारी का उल्लेख है।
बड़े मंगल को लेकर ज्योंतिषों के मुताबिक हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए पहले बड़े मंगल पर बूंदी के लड्डू, दूसरे (20 मई) में चना और गुड़, तीसरे (27 मई) में सिंदूर, चमेली और तेल, चौथे (3 जून) को बेसन के लड्डू और पांचवें (10 जून ) को पान और नारियल चढ़ाने से मारुतिनंदन प्रसन्न होंगे और दुख हरेंगे।