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Jammu Holika Dahan Timing 02-March 2026: जम्मू, कटरा, उधमपुर, सांबा, कठुआ में होली में आग कब लगेगी, होलिका दहन का सही समय देखें यहां

Holika Dahan 2026 Timing: आज 2 मार्च 2026 के दिन देश भर में होलिका दहन का त्योहार मनाया जा रहा है। जम्मू और आसपास के शहरों में होलिका दहन का शुभ समय क्या है? जानें जम्मू में होली में आग कब लगाई जाएगी। यहां जानें जम्मू, कटरा, उधमपुर, सांबा, कठुआ में होलिका दहन का समय...

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जम्मू में होलिका दहन का समय क्या है?

Holika Dahan Timing 2026 Jammu: हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में होली और दिवाली मुख्य हैं। इसी में होलिका दहन का एक खास महत्व है। अच्छाई पर बुराई का प्रतीक ये पर्व आज यानी 2 माच 2026 को मनाया जा रहा है। इस त्योहार के टाइम को लेकर इस साल 2026 में काफी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। क्योंकि 2 मार्च को होलिका दहन के बाद 3 मार्च को रंगोत्सव नहीं मनाया जाएगा। इस बार 4 मार्च को रंगों का पर्व मनाया जाएगा। इससे पहले आपको आज (2 मार्च 2026) होलिका दहन के समय के बारे में जान लेना चाहिए। यदि आप जम्मू में रहते हैं, तो आपको किस समय होलिका दहन करना चाहिए। आइए जानते हैं इन शहरों में होलिका दहन का सही-सही समय क्या है?

जम्मू में होलिका दहन का समय - (Jammu mein Holika Dahan Kab Hai)

शहर का नाम होलिका दहन का टाइम
जम्मू (Jammu) में होलिका दहन कब होगा?6:22 बजे से 8:50 बजे तक
कटरा (Katra) में होलिका दहन कब होगा?6:22 बजे से 8:50 बजे तक
उधमपुर (Udhampur) में होलिका दहन कब होगा?6:22 बजे से 8:50 बजे तक
सांबा (Samba) में होलिका दहन कब होगा?6:22 बजे से 8:50 बजे तक
कठुआ (Kathua) में होलिका दहन कब होगा?6:22 बजे से 8:50 बजे तक
पूंछ (Poonch) में होलिका दहन कब होगा?6:22 बजे से 8:50 बजे तक
राजौरी (Rajouri) में होलिका दहन कब होगा?6:22 बजे से 8:50 बजे तक

होलिका दहन का पूजन और अनुष्ठान की विधि

  • होलिका दहन से पहले घर में हल्दी, फूल, मिठाइयां और जल रखने का विधान है।
  • इसके अलावा शाम को जब अग्नि जलाई जाती है, तो परिवार के सभी लोग मिलकर उसके चारों ओर परिक्रमा करते हैं।
  • होलिका दहन की अग्नि में टोला, गेहूं, गुड़ आदि को अर्पित कर शुभकामनाएं मांगी जाती हैं।
  • इसके बाद ‘ॐ ह्रीं ज्वालामालिनी नमः’ जैसे मंत्रों का उच्चारण शुभ माना जाता है।

होलिका दहन के पूजन में ध्यान रखने की बातें

ग्रहण (चंद्र ग्रहण) एवं सूतक काल के समय में शुभ कर्मों से परहेज़ करने की परंपरा है। इसी वजह से 3 मार्च को ग्रहण और सूतक के कारण परंपरागत रूप से होलिका दहन को पहले दिन रखा गया है। अगर आपके शहर में मौसम या अन्य कारणों से समय दहन के समय में परिवर्तित हो, तो स्थानीय पंडित जी से विमर्श कर पूजन का समय तय करें या पंचांग देखकर भी अंतिम निर्णय ले सकते हैं।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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