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Hariyali Teej Puja Samagri: हरियाली तीज की पूजा में क्या-क्या सामान लगेगा, जानिए पूरी पूजा सामग्री लिस्ट

Hariyali Teej Puja Samagri (हरियाली तीज पूजा सामग्री लिस्ट): हरियाली तीज को श्रावण तीज, छोटी तीज और आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है। इस तीज में माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाती है। यहां जानिए हरियाली तीज पूजा सामग्री लिस्ट।

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Hariyali Teej Puja Samagri

Hariyali Teej Puja Samagri (हरियाली तीज पूजा सामग्री लिस्ट): सुहागिन महिलाओं के लिए हरियाली तीज का त्योहार बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं सोलह श्रंगार करती हैं और शुभ मुहूर्त में शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। इस पूजा में कई सामग्रियों की जरूरत होती है। जैसे वेदी, केले के पत्ते, कच्चा सूत, धतूरा, भांग, कपूर, सुहाग का सामान इत्यादि। यहां हम आपको बताएंगे हरियाली तीज पूजा की पूरी सामग्री लिस्ट।

हरियाली तीज पूजा सामग्री (Hariyali Teej Puja Samagri)

  • वेदी
  • नए वस्त्र
  • बेलपत्र
  • धतूरा
  • भांग
  • पीला वस्त्र
  • केला के पत्ते
  • सुपारी
  • कलश
  • अक्षत्
  • कच्चा सूत
  • शमी पत्र
  • जनेऊ
  • गुलाल
  • श्रीफल
  • चंदन
  • घी
  • कपूर
  • अबीर
  • दही
  • चीनी
  • गाय का दूध
  • पंचामृत
  • गंगाजल
  • दूर्वा, तेल
  • शहद
  • हरी साड़ी और सोलह श्रृंगार

हरियाली तीज पूजा विधि (Hariyali Teej Puja Vidhi)

हरियाली तीज पूजा से एक दिन पहले ही सारी सामग्री एकत्रित कर लें। फिर व्रत वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ़ कपड़े पहनकर व्रत-पूजन का संकल्प लें। पूजा के दौरान ‘हे गौरी शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकर प्रिया। तथा मां कुरु कल्याणी कांत कांता सुदुर्लभाम्’, मन्त्र का जाप करते रहें। इस दिन काली मिट्टी से भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति बनाएं। इसके सुहाग की चीजें माता पार्वती को अर्पित करें। फिर भगवान शिव को वस्त्र चढ़ाएं। अंत में तीज की कथा सुनें और आरती करके पूजा संपन्न करें।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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