Hanuman Puja in Navratri: मां दुर्गा को समर्पित नौ दिनों में उनके 9 अलग अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। लेकिन इसी के साथ इन नौ सिद्ध दिनों में हनुमान जी की पूजा का भी विधान है। नवरात्र में की गई हनुमान पूजा दुख दूर करने वाली और आत्मबल देने वाली मानी जाती है। यहां जानें नवरात्र में हनमान पूजा के फायदे।
नवरात्र में हनुमान जी की पूजा क्यों करते हैं
1. शक्ति और भक्ति का प्रतीक
नवरात्रि में शक्ति की प्रतीक देवी दुर्गा की आराधना की जाती हैं। वहीं हनुमान जी भी बल, शक्ति और भक्ति के प्रतीक हैं। इसलिए नवरात्रि में हनुमान जी की पूजा फलदायी मानी जाती है।
2. नकारात्मकता से रक्षा
मान्यता है कि नवरात्रि के दौरान तंत्र-मंत्र और नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय हो सकती है। ऐसे में हनुमान जी की पूजा सकारात्मकता लाती है और बुरी शक्तियों से बचाव करने वाली मानी जाती है।
3. राहु और शनि के प्रभाव से मुक्ति
हनुमान जी की पूजा कुंडली में राहु और शनि से संबंधित दोषों का निवारण होता है। शनि की साढ़े साती या शनि ढैया के प्रभाव में भी नवरात्रि में हनुमान जी की पूजा लाभकारी बताई जाती है।
4. श्री राम का आशीर्वाद
हनुमान जी भगवान राम के परम भक्त माने जाते हैं। ऐसे में अगर आप नवरात्र के दौरान हनुमान जी की आराधना करते हैं तो भगवान राम और माता सीता की कृपा भी पा सकते हैं।
नवरात्र में हनुमान जी की पूजा कैसे करें
- नवरात्र में मंगलवार या शनिवार को हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए।
- इस दौरान हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ करना शुभ फल देगा।
- पूजा के प्रसाद में हनुमान जी को गुड़-चने, बूंदी के लड्डू या सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें।
- हनुमान जी पूजा करें तो ब्रह्मचर्य का पालन करें और सात्विक भोजन ग्रहण करें।
इस प्रकार नवरात्रि में शक्ति, भक्ति, साहस और आत्मबल पाने के लिए हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए।
