गुरु पूर्णिमा आते ही सबसे पहले मन में गुरु, आशीर्वाद और पुराने दिनों की यादें ताजा हो जाती हैं। लेकिन क्या गुरु का मतलब सिर्फ स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक या आध्यात्मिक गुरु से है? शायद नहीं। जिंदगी में कई बार कोई माता-पिता, दोस्त, बड़ा भाई-बहन, कोच, सहकर्मी या कोई अनजान इंसान भी हमें ऐसी बात सिखा देता है, जो सालों तक याद रहती है। इसी भाव को सम्मान देने वाला खास पर्व है गुरु पूर्णिमा। हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल गुरु पूर्णिमा का त्योहार आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि के दिन पर मनाया जाता है। यहां पढ़ें साल 2026 में गुरु पूर्णिमा किस तारीख को मनाई जाएगी, गुरु पूर्णिमा कब है।
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गुरु पूर्णिमा 2026 की तारीख क्या है?
इस साल गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई 2026, बुधवार को है। यह दिन आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है और इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 28 जुलाई शाम 6:18 बजे से शुरू होगी और 29 जुलाई रात 8:05 बजे तक रहेगी। इसलिए उदया तिथि के आधार पर गुरु पूर्णिमा का पर्व 29 जुलाई को मनाया जाएगा।
आखिर गुरु पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है?
‘गुरु’ शब्द सुनते ही अक्सर किसी शिक्षक की तस्वीर सामने आती है। मगर भारतीय परंपरा में गुरु का अर्थ उससे कहीं बड़ा है। गुरु वह है जो अज्ञान या उलझन से बाहर निकलने में रास्ता दिखाए। गुरु पूर्णिमा इसी रिश्ते के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। इस दिन लोग अपने गुरु का आशीर्वाद लेते हैं, पूजा करते हैं और उन्हें सम्मान देते हैं। इस पर्व का संबंध महर्षि वेदव्यास से भी जोड़ा जाता है। इसी वजह से इसे व्यास पूर्णिमा या व्यास पूजा के नाम से भी जाना जाता है।
गुरु पूर्णिमा पर क्या करते हैं
गुरु पूर्णिमा पर लोग अपने गुरु या शिक्षक का सम्मान करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं। कई लोग पूजा, फूल और मिठाई अर्पित करते हैं। इस दिन गुरु के प्रति आभार जताना सबसे खास माना जाता है। साथ ही जरूरतमंदों की मदद, ज्ञान बांटना और अपने जीवन में गुरु की सीख अपनाना भी इस पर्व का सुंदर तरीका है।
