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BSP में परिवारवाद पर मायावती का बड़ा वार! भतीजे की नो एंट्री, Gen-Z को 50% कमान, क्या है नया प्लान?

बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने पार्टी को 'परिवारवाद' से मुक्त रखने के लिए एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाया है। उन्होंने ऐलान किया है कि उनके छोटे भाई आनंद कुमार के दोनों बेटों और उनकी भावी पीढ़ियों को पार्टी में कोई राजनीतिक पद या जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।

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मायावती ने साफ किया पार्टी का रुख

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने भारतीय राजनीति में अक्सर उठने वाले 'परिवारवाद' के मुद्दे पर एक बेहद सख्त और साहसिक फैसला लिया है। मायावती ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके छोटे भाई आनंद कुमार के दोनों बेटों और उनकी आने वाली संतानों को बीएसपी में कोई भी छोटा या बड़ा राजनीतिक पद नहीं दिया जाएगा। पार्टी को मान्यवर कांशीराम के सिद्धांतों पर चलाते हुए, उन्होंने खुद को और अपने परिवार को चुनावी राजनीति तथा पदों के लाभ से दूर रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

मायावती ने अपने इस फैसले के पीछे की वजह साझा करते हुए बताया कि एक महिला होने के नाते सुरक्षा और सहयोग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्हें अपने सबसे छोटे भाई आनंद कुमार को अपने साथ रखना पड़ा था। लेकिन अब उनके परिवार के विस्तार के साथ यह जरूरी हो गया है कि इसका प्रभाव पार्टी के आंदोलन पर न पड़े। उन्होंने कहा कि आनंद कुमार के बेटों को राजनीति में अवसर नहीं मिलेगा।

हालांकि, यदि भविष्य में आनंद कुमार को अपनी संगठनात्मक जिम्मेदारियों में किसी सहयोगी की जरूरत पड़ती है, तो वह केवल अपनी बेटी दीपिका आनंद (जो इस समय कानून की पढ़ाई कर रही हैं) की मदद ले सकते हैं। दीपिका को भी केवल उनकी कार्यक्षमता, ईमानदारी और वफादारी को देखते हुए ही सीमित संगठनात्मक भूमिका दी जा सकती है, चुनावी पद नहीं। यदि दीपिका तैयार नहीं होती हैं, तो किसी अन्य दलित मिशनरी कार्यकर्ता को यह अवसर मिलेगा।

Gen-Z को तरजीह और सुशासन का विजन

मायावती ने बताया कि बीएसपी लंबे समय से युवाओं को आगे लाने का काम कर रही है। पार्टी संगठन में 'Gen-Z' (नई पीढ़ी) को लगभग 50 प्रतिशत तक भागीदारी देने की नीति पर तेजी से काम चल रहा है। आगामी विधानसभा चुनावों में सर्वसमाज के मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं—चाहे वे महिला हों या पुरुष को प्राथमिकता के आधार पर उम्मीदवार बनाया जाएगा, ताकि आंबेडकरवादी और संवैधानिक मूल्यों को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सके।

उन्होंने अपने पिछले चार कार्यकालों का जिक्र करते हुए कहा कि बीएसपी सरकार ने हमेशा कानून का राज, विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और जनहित को प्राथमिकता दी। विरोधी पार्टियों के जातिवादी रवैये के कारण 2012 के बाद से प्रदेश में विकास और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी है, जिसका पछतावा आज जनता को है।

फेक न्यूज से सावधान रहने की हिदायत

अपने बयान के अंत में मायावती ने बीएसपी समर्थकों को विरोधी दलों और मीडिया द्वारा चलाए जा रहे दुष्प्रचार से सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने उन खबरों को पूरी तरह से भ्रामक और 'फेक न्यूज' बताया, जिनमें कहा जा रहा था कि अनुशासनहीनता के कारण पार्टी से निकाले गए नेताओं को वापस लिया जाएगा। मायावती ने साफ किया कि निष्कासित लोगों की बीएसपी में वापसी का कोई सवाल ही नहीं उठता।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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