अध्यात्म

धुल हिज्जा के पहले 10 दिन: बरकतों और रहमतों से भरे होते हैं ये दिन, जानिए इसका महत्व

Dhul Hijjah 10 Days 2025: इस्लामी कैलेंडर का बारहवां और अंतिम महीना धुल हिज्जा भारत में 29 मई 2025 से शुरू हो सकता है। इस महीने के शुरुआती 10 दिन बेहद खास माने जाते हैं। कहते हैं यह समय आत्मा को पवित्र करने और अल्लाह की रहमत पाने का सुनहरा अवसर होता है।

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Dhul Hijjah 10 Days 2025

Dhul Hijjah 10 Days 2025: धुल हिज्जा इस्लाम धर्म में एक अत्यंत पवित्र महीना माना गया है जो इस्लामी कैलेंडर का बारहवां और अंतिम महीना भी होता है। इस दौरान आने वाले त्यौहार मुसलमानों के लिए बहुत विशेष होते हैं। यह महीना न केवल हज जैसी सबसे बड़ी इबादत से जुड़ा है, बल्कि इसकी शुरुआती 10 दिनों को कुरान और हदीसों में बेहद फजीलत वाला बताया गया है। इन्हीं 10 दिनों में ईद-उल-अजहा (बकरीद) भी मनाई जाती है। चलिए जानते हैं धुल हिज्जा के शुरुआती 10 दिनों में क्या करना चाहिए और इसका धार्मिक महत्व क्या है।

क्या करें इन दिनों में?

  • नमाज और कुरान की तिलावत बढ़ाएं।
  • रोजा रखें, खासतौर पर यौम-ए-अराफा का।
  • सदका और नेकी के काम करें।
  • कुर्बानी की तैयारी और नियत करें।

क्यों हैं ये 10 दिन इतने खास?

हदीसों के अनुसार, धुल हिज्जा के पहले 10 दिन बेहद फजीलत वाले माने जाते हैं। इन दिनों में रोजा रखना, नमाज, तस्बीह, तकबीर, सदका और अच्छे कार्यों का सवाब कई गुना बढ़ जाता है। जानिए किन कारणों से ये 10 दिन खास माने जाते हैं...

हज की अदायगी: धुल हिज्जा में ही इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक हज यात्रा की जाती है।

यौम-ए-अराफा (9वां दिन): धुल हिज्जा का 9वां दिन हज का सबसे अहम दिन होता है, जब हाजी अराफात के मैदान में दुआ करते हैं। कहते हैं इस दिन रोजा रखने से पिछले और अगले साल के गुनाह माफ हो जाते हैं।

बकरीद (10वां दिन): इस महीने के 10वें दिन को ईद-उल-अजहा के रूप में मनाया जाता है, जिसे कुर्बानी की ईद भी कहा जाता है। यह हजरत इब्राहीम की अल्लाह के प्रति निष्ठा और बलिदान की याद में मनाई जाती है।

Laveena Sharma
लवीना शर्मा author

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करि... और देखें

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