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Dev Shayani Ekadashi Paran Time 2025: देवशयनी एकादशी व्रत का पारण कब किया जाएगा, यहां जानिए एकादशी व्रत खोलने का सही तरीका

Dev Shayani Ekadashi Paran Time 2025: देवशयनी एकादशी व्रत का पारण 7 जुलाई को किया जाएगा। व्रत का पारण करने से पहले विधि विधान भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।

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Dev Shayani Ekadashi Paran Time 2025

Dev Shayani Ekadashi Paran Time 2025: देवशयनी एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। इसे पद्मा एकादशी, आषाढ़ी एकादशी और हरिशयनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस साल ये एकादशी 6 जुलाई 2025 को मनाई जा रही है और 7 जुलाई 2025 को इस एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा। ऐसी मान्यता है कि एकादशी व्रत का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है जब इसका पारण विधि विधान किया जाएगा। यहां हम आपको बताएंगे देवशयनी एकादशी व्रत पारण का सही तरीका और टाइम।

देवशयनी एकादशी व्रत पारण समय 2025 (Dev Shayani Ekadashi Paran Time 2025)

देवशयनी एकादशी- 6 जुलाई 2025, रविवार

7 जुलाई को पारण समय - 05:29 से 08:16

पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय - 23:10

देवशयनी एकादशी व्रत खोलने की विधि (Dev Shayani Ekadashi Vrat Kholne Ki Vidhi)

  • व्रत पारण वाले दिन स्नान करके भगवान विष्णु की प्रार्थना करें।
  • व्रत खोलने से पहले ब्राह्मणों को दान और भोजन कराना उत्तम माना गया है।
  • इसके बाद स्वयं फल, दूध, मिठाई या सात्विक अन्न से व्रत खोलें।
  • अगर व्रत निर्जल रखा है तो सबसे पहले जल ग्रहण करें।
  • "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करते हुए व्रत समाप्त करें।

ध्यान रखने योग्य बातें

द्वादशी में व्रत खोलना अनिवार्य होता है, त्रयोदशी में पारण नहीं करना चाहिए। व्रत खोलते समय मन में भगवान विष्णु का स्मरण और धन्यवाद करें। इस बात का ध्यान रखें कि पारण के समय अन्न सात्विक और ताजे पदार्थों से बना हो।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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