Chaurchan Puja Mantra in Hindi (chauth chandra puja mantra): चौरचन या चौथ के चांद का व्रत या चंद्रदर्शन व्रत को बड़ी आस्था के साथ बिहार, झारखंड और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में मनाया जाता है। यह भाद्रपद मास की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। चौरचन व्रत को गणेश चतुर्थी के चंद्र दर्शन के साथ मनाते हैं। यूं तो चौथ का चांद नहीं देखा जाता है लेकिन इस दिन विधिवत चंद्र पूजन कर चंद्र देवता से सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा जाता है। पूजन के बाद ही चंद्रमा के दर्शन करें। यहां आप चौरचन पूजा मंत्र, चौथ चंद्र पूजा मंत्र आदि देख सकते हैं।
Chaurchan Puja Mantra in Hindi
चौरचन पूजा में चांद को प्रणाम करने के लिए ये बीज मंत्र बोलें: ॐ श्रीं चन्द्राय नमः। आप ॐ सों सोमाय नमः' (Om Som Somay Namah) भी जप सकते हैं। इसके अलावा ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः (Om Shraam Shreem Shraun Sah Chandramase Namah) से भी चंद्रमा को नमस्कार कर सकते हैं।
पूजन के समय चाद को अर्घ्य देते हुए यह मंत्र बोला जाता है –
दधिशङ्खतुषाराभं क्षीरोदार्णवसंभवम्।
नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम्॥
इसका अर्थ है जिनका रूप दही, शंख और चांदी की तरह श्वेत या सफेद है, जो क्षीरसागर से उत्पन्न हुए हैं, जो भगवान शंकर के मस्तक पर शोभित हैं, ऐसे भगवान चंद्रमा को मैं प्रणाम करता हूं।
चौथ के चांद की पूजा विधि
सबसे पहले चांद को शुद्ध जल, दूध और मिश्री से अर्घ्य दें। फिर फूल, अक्षत और चंदन अर्पित करें। इसके बाद मंत्र जाप कर दोबारा अर्घ्य दें।
