अध्यात्म

Navratri Maha Navami Kanya Pujan Vidhi: चैत्र नवरात्रि नवमी पर कैसे करें कन्या पूजन, जानें पूरी विधि यहां

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Mar 30, 2023, 08:51 AM IST

Chaitra Navratri Navami 2023 Kanya Pujan Vidhi: चैत्र नवरात्रि अष्टमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। जानिए इस दिन कैसे करें कन्या पूजन।

Image

Navratri Kanya Pujan Vidhi: चैत्र नवरात्रि पर ऐसे करें कन्या पूजन

Chaitra Navratri Navami 2023 Kanya Pujan Vidhi: चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि बेहद खास मानी जाती है। इस दिन मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है। इस साल चैत्र नवरात्रि नवमी (Chaitra Navratri Navami) 30 मार्च को पड़ी है। कहते हैं इस दिन देवी दुर्गा (Devi Durga) की विधि विधान पूजा करने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। मां दुर्गा का नौवां रूप काफी शक्तिशाली माना जाता है। यहां जानें महानवमी (Maha Navami) पर कन्या पूजन की विधि।

चैत्र नवरात्रि महानवमी पर कन्या पूजन की विधि (Chaitra Navratri Maha Navami Kanya Pujan Vidhi)

  • कई लोग नवरात्रि की नवमी तिथि पर कन्या पूजन करते हैं।
  • कन्या पूजन में 2 से 9 वर्ष की आयु की कन्याओं को पूजा जाता है।
  • इन कन्याओं को साक्षात मां का स्वरूप मानकर इनकी पूजा की जाती है।
  • कन्या पूजन से एक दिन पहले ही कन्याओं को घर बुला लिया जाता है।
  • कन्या पूजन के समय सबसे पहले कन्याओं के पैर धोये जाते हैं।
  • फिर उनके माथे पर तिलक लगाया जाता है।
  • फिर उनकी आरती उतारी जाती है।
  • फिर उन्हें हलवा, पूरी और चने का भोग लगाया जाता है।
  • अंत में उनके हाथ-पैर फिर से धुलाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है।
  • साथ ही कन्याओं को कुछ न कुछ उपहार भी दिया जाता है।

नवरात्रि में कन्याओं को भोजन कराने से क्या मिलता है लाभ: एक कन्या को भोजन कराने से ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। दो को भोजन कराने से भोग प्राप्त होता है। तीन कन्याओं को भोजन कराने से राज सम्मान प्राप्त होता है। चार या पांच कन्याओं को भोजन कराने से बुद्धि और विद्या की प्राप्ति होती है। छह कन्याओं को भोजन खिलाने से कार्य सफल हो जाते हैं। सात कन्याओं को भोजन कराने से पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। आठ कन्याओं को भोजन कराने से अष्टलक्ष्मी की प्राप्ति होती है। नौ कन्याओं को भोजन कराने से सभी प्रकार के ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article