अध्यात्म

Maa Brahmacharini Vrat Katha: नवरात्रि के दूसरे दिन पढ़ें मां ब्रह्मचारिणी की कथा

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Apr 10, 2024, 06:30 AM IST

Chaitra Navratri Ke Dusre Din Ki Katha, Maa Brahmacharini Vrat Katha In Hindi (मां ब्रह्मचारिणी की व्रत कथा): नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि ब्रह्मचारिणी देवी भगवान शिव से विवाह करने की दृढ़ इच्छा रखती थीं। यहां पढ़ें मां ब्रह्मचारिणी की कथा।

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Maa Brahmacharini Vrat Katha In Hindi

Navratri 2024 2nd Day, Maa Brahmacharini Vrat Katha In Hindi: नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार मां दुर्गा की इस स्वरूप की पूजा करने से जीवन में सफलता मिलती है और भावनात्मक शक्ति बढ़ने लगती है। मां ब्रह्मचारिणी को प्रेम, निष्ठा, ज्ञान, और बुद्धि की देवी माना जाता है। यहां पढ़ें नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की कथा।

मां ब्रह्मचारिणी व्रत कथा (Maa Brahmacharini Vrat Katha)

धार्मिक मान्यताओं अनुसार मां ब्रह्मचारिणी पर्वतराज हिमालय के घर में जन्मी थीं। इसके बाद उन्होंने नारद जी से उपदेश लेकर भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की। कठोर तपस्या की कारण ही उन्हें ब्रह्मचारिणी कहा जाता है। कहा जाता है कि देवी ने अपनी तपस्या के पहले 1000 वर्षों तक केवल फल फूल खाकर बिताएं, फिर 100 वर्षों तक केवल जमीन पर रहकर शाक पर निर्वाह किया और इसके बाद उन्होंने वर्षा, धूप, की परवाह किए बिना अपना तप जारी रखा।

3000 सालों तक उन्होंने सिर्फ टूटे बिल्वपत्र खाए और निरंतर भगवान शिव की पूजा करती रहीं। अंत में उन्होंने बिल्वपत्र खाना भी छोड़ दिया और फिर निर्जल और निराहार रहकर तपस्या करने लगीं। देवी की कठोर तपस्या से उनका शरीर एकदम क्षीण हो गया था। बात में उन्होंने पत्ते खाने भी बंद कर दिए तब देवी का नाम अपर्णा रखा गया। (चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन की पूजा विधि)

देवी की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर ऋषि, मुनि और सिद्ध गणों ने उन्हें प्रणाम किया और कहा देवी आपको इस कठोर तपस्या का फल अवश्य मिलेगा और महादेव आपको पति के रूप में अवश्य ही प्राप्त होंगे।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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