Navratri 2024 2nd Day Maa Brahmacharini Puja Vidhi and Mantra: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। इन नौ दिनों में माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना का विधान है। नवरात्रि के दूसरे दिन यानी 10 अप्रैल को मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाएगी। ब्रह्मचारिणी माता सौभाग्य और संयम की देवी हैं। माता के दाएं हाथ में मंत्र जपने की माला होती है और बाएं हाथ में कमंडल। कहते हैं कि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से सारी परेशानियां और विघ्न दूर हो जाते हैं। ऐसे में आइये जानते हैं माता ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि, आरती, मंत्र और सबकुछ डिटेल में।
मां ब्रह्मचारिणी के पूजा की विधि (Maa Brahmacharini Puja Vidhi)
1) नवरात्रि के दूसरे दिन प्रातः स्नान ध्यान करने के बाद मंदिर की सफाई करें।
2) इसके बाद मंदिर में एक चौकी पर मां ब्रह्मचारिणी की मूर्ति या प्रतिमा स्थापित करें।
3) इसके बाद मां ब्रह्मचारिणी को पंचामृत से स्नान करवाएं।
4) सफेद रंग माता का प्रिय माना गया है, ऐसे में पूजा के दौरान उन्हें सफेद फूल और वस्त्र अर्पित करें।
5) इसके बाद माता को रोली, चंदन, अक्षत और लाल गुड़हल का फूल चढ़ाएं।
6) इसके साथ ही मां के इस स्वरूप को मिश्री, दूध और पंचामृत का भोग लगाएं।
7) फिर मां ब्रह्मचारिणी के मंत्रों का जाप करें और साथ ही पान, सुपारी, लौंग भी अर्पित करें।
8) अब माता ब्रह्मचारिणी की आरती गाकर पूजा का समापन करें।
मां ब्रह्मचारिणी का भोग (Maa Brahmacharini Bhog)
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने के बाद उन्हें शक्कर का भोग लगाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर का भोग लगाने से व्यक्ति को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता।मां ब्रह्मचारिणी मंत्र (Maa Brahmacharini Mantra)
1) मां ब्रह्मचारिणी के स्वयं सिद्ध बीज मंत्र-ह्रीं श्री अम्बिकायै नम:।
2) मां ब्रह्मचारिणी का पूजन मंत्र-
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नम:।
मां ब्रह्मचारिणी की आरती (Maa Brahmacharini Aarti)
जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता।जय चतुरानन प्रिय सुख दाता।
ब्रह्मा जी के मन भाती हो।
ज्ञान सभी को सिखलाती हो।
ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा।
जिसको जपे सकल संसारा।
जय गायत्री वेद की माता।
जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता।
कमी कोई रहने न पाए।
कोई भी दुख सहने न पाए।
उसकी विरति रहे ठिकाने।
जो तेरी महिमा को जाने।
रुद्राक्ष की माला ले कर।
जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर।
आलस छोड़ करे गुणगाना।
मां तुम उसको सुख पहुंचाना।
ब्रह्माचारिणी तेरो नाम।
पूर्ण करो सब मेरे काम।
भक्त तेरे चरणों का पुजारी।
रखना लाज मेरी महतारी।
