Braj Holi 2025 Date, Schedule, Calendar List (ब्रज होली 2025 अनुसूची): भारत का हर त्योहार किसी न किसी प्राचीन और धरोहर से जुड़ा हुआ होता है। होली एक ऐसा पर्व है जो कि भारतीय संस्कृति का लोक उत्सव माना जाता है। होली का त्योहार मान्यताओं के मुताबिक मूलतः भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार और कृष्ण अवतार से जुड़ा हुआ है। द्वापर युग में नंद के लाल भगवान कृष्ण ने प्रेम, हर्ष और उल्लास का ऐसा रंग अपने भक्तों पर डाला जिसका प्रभाव आज भी देखने को मिलता है। ब्रज की होली किसी स्वर्ग से कम नहीं है। इस रंग-बिरंगे उत्सव का आयोजन पारंपरिक रूप से 40 दिनों के लिए होता है। इस साल ब्रज की होली का शुभारंभ बसंत पंचमी के दिन 2 फरवरी को हुआ है जो कि बांके बिहारी के आशीर्वाद के साथ शुरू होता है। ये उत्सव 14 मार्च को धुलेंडी तक अनवरत जारी रहेगा जिस दौरान वृंदावन, मथुरा, बरसाने, नंद गांव और गोकुल जैसे पवित्र स्थलों पर विभिन्न प्रकार की होलियां खेली जाएंगी। ऐसे में अगर आप भी ब्रज की होली खेलने का प्लान बना रहे हैं तो यहां पर ब्रज होली 2025 अनुसूची की डिटेल्स देखिए।
Braj Holi Calendar 2025 (ब्रज होली 2025 लिस्ट)
| तारीख | दिन | त्योहार |
| 7 मार्च 2025 | शुक्रवार | बरसाना लड्डू होली |
| 8 मार्च 2025 | शनिवार | बरसाना लठमार होली |
| 9 मार्च 2025 | रविवार | नंद गांव लठमार होली |
| 10 मार्च 2025 | सोमवार | वृंदावन में फूलों की होली |
| 10 मार्च 2025 | सोमवार | मथुरा की होली |
| 11 मार्च 2025 | मंगलवार | गोकुल होली |
| 13 मार्च 2025 | गुरुवार | होलिका दहन |
Braj Holi 2025 Schedule (ब्रज होली 2025 अनुसूची)
ब्रज के प्रमुख क्षेत्रों की होली कुछ इस तरह से है, जिसका आप आनंद उठा सकते हैं -
7 मार्च 2025, शुक्रवार - बरसाना लड्डू होली
ब्रज की पावन होली का शुभारंभ बरसाना के श्रीजी मंदिर में लड्डू होली से होता है। इस दिन भक्तों पर प्रेम और भक्ति लड्डू बरसाए जाते हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और खुशहाल हो जाता है। इस अनोखी परंपरा के पीछे श्रीकृष्ण के क्रियाकलाप छिपे हैं।
8 मार्च 2025, शनिवार - बरसाना लठमार होली (मुख्य होली)
बरसाना की प्रसिद्ध लठमार होली 8 मार्च के दिन खेली जाएगी। इस होली का विशेष आकर्षण ये होता है कि इसमें राधाजी की सखियां अपने पतियों पर लाठियां बरसाती हैं और पुरुष स्वयं को ढाल से बचाने की कोशिश करते हैं। ये परंपरा भगवान कृष्ण और राधा रानी की प्रेम लीलाओं का प्रतीक मानी जाती है।
9 मार्च 2025, रविवार - नंद गांव लठमार होली
बरसाना की लठमार होली के अगले दिन, नंद गांव में भी इसी तरह से होली खेली जाती है। नंद गांव के ग्वाले बरसाना जाते हैं और वहां की गोपियां उन पर लाठियां बरसाती हैं। इस दृश्य को देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
10 मार्च 2025, सोमवार - वृंदावन में फूलों की होली
इस दिन वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में फूलों से होली खेली जाती है, जिसे फूलों वाली होली भी कहा जाता है। इस अनोखी होली में अबीर-गुलाल के स्थान पर भक्तों पर विभिन्न प्रकार के सुगंधित फूल बरसाए जाते हैं, जो वातावरण को अलौकिक और दिव्य बना देते हैं।
10 मार्च 2025, सोमवार - मथुरा की होली
इस दिन मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान मंदिर और मथुरा के अन्य क्षेत्रों में होली उत्सव का विशेष आयोजन किया जाता है। यहां भव्य शोभायात्रा और रंगों की वर्षा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र होती है।
11 मार्च 2025 मंगलवार - गोकुल होली
गोकुल में इस दिन खास होली मनाई जाती है। ये स्थान श्रीकृष्ण के बचपन की लीलाओं के लिए प्रसिद्ध माना जाता है। यहां खेली जाने वाली होली में छोटे बच्चे और संत-साधु विशेष रूप से भाग लेते हैं।
13 मार्च 2025, गुरुवार - होलिका दहन
इस दिन मथुरा के द्वारकाधीश मंदिर में विशेष शोभायात्रा निकाली जाती है और विश्राम घाट पर होलिका दहन किया जाता है। वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में भी होलिका दहन के अनोखे आयोजन किए जाते हैं।
14 मार्च 2025 शुक्रवार - धुलेंडी (रंगों की होली)
ये ब्रज की होली का सबसे प्रमुख दिन होता है। इस दिन द्वारकाधीश मंदिर, मथुरा और पूरे ब्रज में गुलाल, अबीर, टेसू के फूलों और रंगीन पानी से होली खेली जाती है। पूरे ब्रज में इस दिन भक्तजन भक्ति, संगीत और रंगों में खोकर होली का पर्व मनाते हैं।
Significance of Braj Holi (ब्रज की होली का महत्व)
ब्रज की होली केवल रंगों का त्योहार नहीं बल्कि भगवान कृष्ण और राधा रानी की लीलाओं का जीवंत स्वरूप है। यहां रंगों और भक्ति का ऐसा अनूठा संगम देखने को मिलता है जिसे देखने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं। इस उत्सव में हर व्यक्ति भक्तिमय होकर होली के पावन पर्व के रंगों में रंग जाता है। अगर आप ब्रज की होली का आनंद लेना चाहते हैं तो ये सुनिश्चित करें कि आप सही समय पर यहां पहुंचें और इस अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव में भाग ले पाएं।
