अध्यात्म

वास्तु दोष दूर करने के लिए पूरे घर में नहीं, सिर्फ बाथरूम में करें ये बदलाव; सुधरेगी परिवार के हर सदस्य की किस्मत

Bathroom Vastu Tips: बाथरूम में कुछ बदलाव करने से पूरे घर की ऊर्जा को संतुलित किया जा सकता है। आज यहां पर आप वास्तु शास्त्र मे बताए गए बाथरूम से जुड़े उन उपायों के बारे में जानेंगे, जिनके प्रभाव से पूरे घर का वास्तु सही हो सकता है।

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बाथरूम किस दिशा में नहीं बनवाना चाहिए?

Bathroom Vastu Tips In Hindi: अक्सर देखा गया है कि वास्तु दोष को दूर करने के लिए लोग घर में तरह-तरह के बदलाव करते हैं, जो कि जरूरी नहीं होते हैं। वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि पूरे घर की जगह केवल बाथरूम में कुछ बदलाव करके भी पूरे घर के वास्तु दोष से छुटकारा पाया जा सकता है। दरअसल, बाथरूम का शुभ-अशुभ प्रभाव पूरे घर पर पड़ता है, जिसके ठीक होने से घर की स्थिति में भी सुधार आता है। चलिए प्रसिद्ध ज्योतिषी, अंकशास्त्री, हस्तरेखा विशेषज्ञ और वास्तु विशेषज्ञ डॉ. जय मदान से जानें बाथरूम से जुड़े वास्तु उपायों के बारे में।

वास्तु दोष करने के लिए बाथरूम से जुड़े उपाय

  • घर में वास्तु दोष खत्म करने के लिए टॉयलेट सीट के ऊपर दीवार पर दो क्रिस्टल बॉल लगाएं, जो कि दीवार पर टच न हों। जब बॉल गंदी होने लगें तो उन्हें निकालकर गर्म नमक वाले पानी से धोएं। फिर उन्हें तेज धूप में रख दें। इससे उन बाल्स में पॉजिटिव एनर्जी आ जाएगी, जिन्हें फिर से उसी जगह पर लगा दें। माना जाता है कि इस उपाय से आपके बाथरूम में सकारात्मक ऊर्जा रहेगी, जिसके कारण वास्तु दोष भी दूर होगा।
  • बाथरूम के बाहर की दीवार पर पेड़-पौधे लगाने से भी वास्तु दोष का प्रभाव कम होता है। दरअसल, पेड़-पौधों को वास्तु शास्त्र में सबसे अच्छे वास्तु दोष निवारक माना गया है। इसके अलावा बाथरूम के अंदर आप इनडोर प्लांट भी लगा सकते हैं।
  • टॉयलेट सीट के ऊपर खिड़की या किसी स्लैब पर एक कटोरे में नमक रखने से भी वास्तु दोष दूर होता है। दरअसल, नमक नेगेटिव एनर्जी को सोख लेता है, जिससे वातावरण सकारात्मक रहता है।

बाथरूम किस दिशा में नहीं बनवाना चाहिए?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, दक्षिण पूर्व और दक्षिण पश्चिम दिशा में बाथरूम नहीं बनवाना चाहिए। इससे घर में हर समय नकारात्मकता और बीमारियां रहती हैं। बाथरूम को आप घर की साउथ, साउथ वेस्ट या वेस्ट नॉर्थ दिशा में बनवा सकते हैं। इसके अलावा बाथरूम फर्श से कम से कम 6 से 7 इंच ऊंचा होना चाहिए।

टॉयलेट की सीट के लिए बेस्ट दिशा

वास्तु शास्त्र की मानें तो वेस्ट या नॉर्थ वेस्ट में टॉयलेट की सीट होनी चाहिए। वहीं, टॉयलेट की सीट पर बैठते समय व्यक्ति का मुंह उत्तर या दक्षिण दिशा की तरफ होना शुभ होता है।

बाथरूम में शीशा कैसा लगाएं?

बाथरूम में नॉर्थ या ईस्ट की दीवार पर शीशा लगाना चाहिए, जो कि स्क्वायर या रेक्टेंगल शेप में ही होना चाहिए। गोल या ओवल शेप का शीशा बाथरूम में लगाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा फैलती है, जिससे मानसिक तनाव, रोग और आर्थिक संकट का खतरा बढ़ जाता है।

बाथरूम का दरवाजा कैसा होना चाहिए?

बाथरूम का दरवाजा हमेशा लकड़ी का होना चाहिए, जिसका मुंह नॉर्थ या ईस्ट डायरेक्शन में होना वास्तु शास्त्र के अनुसार शुभ होता है।

डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्‍स नाउ नवभारत इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है।

Nidhi Jain
निधि जैनauthor

निधि जैन Times Now नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के तौर पर जुड़ी हैं। इन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 साल से ज्यादा का अनुभव है। पढ़ने और लिखने के प्रति इनकी रुचि ही इन्हें जर्नलिज्म की ओर लेकर आई। निधि अब तक हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों पर 4,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुकी हैं।

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