अध्यात्म

Brahma muhurta time: हर रोज खुलती है सुबह 3 से 5 के बीच आंख, तो है एक विशेष संकेत,कोई है जो आपसे कुछ चाहता है

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  • Updated Dec 20, 2022, 11:04 AM IST

Brahma Muhurta: आध्यात्मिक उन्नति या शिक्षा ग्रहण का सबसे उत्तम समय होता है सुबह 3 से 5 का। ब्रह्म मुहूर्त काल कहा जाता है इस समय को। अक्सर आंख खुलती है इस समय तो समझ जाएं कि ब्रह्मांड की पवित्र ऊर्जाएं आप को अवसर दे रही हैं अध्यात्म के पथ पर आगे बढ़ने का। आंख खुलने की बात को न करें नजर अंदाज।

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ह्म मुहूर्त में आंख खुलना होता है अच्छा संकेत

KEY HIGHLIGHTS
  • सुबह का 3 से 5 का समय होता है ब्रह्म मुहूर्त
  • ब्रह्मांड की पवित्र शक्तियां रहती हैं सक्रिय
  • सूर्योदय से ठीक पहले का होता है ये समय

Brahma Muhurta: रात की गहरी नींद में जब आप सो रहे होते हैं, उस वक्त तीन से पांच बजे तक का समय बहुत विशेष होता है। दुनिया के तमाम लाेगों को आधी रात के बाद और भाेर होने से पहले के इस समय में गहरी नींद आती है। तो संसार में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस अचानक नींद से जाग जाते हैं। जैसे किसी ने उन्हें जबरदस्ती जगाया हो। क्या इस तरह का वाक्या आपके साथ भी हुआ है। रात का अंतिम पहर, सूर्योदय से ठीक पहले का समय। तीन बजे से पांच बजे के मध्य। विशेषकर 3:55 का समय। गहरी नींद में सोते हुए अचानक आंख खुल जाती है। आप सोचते हैं कि किसी ने शायद जगा दिया है। जबकि आपके आस पास के लोग सोए रहते हैं। फिर ऐसा क्यों। इसके पीछे कारण हम आपको बताते हैं।

तीन से पांच का समय कहलाता है ब्रह्म मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त यानी ब्रह्म का मुहूर्त। 24 घंटे के पूरे चक्र में सबसे शुभ मुहूर्त। वो मुहूर्त जिसमें किया गया कोई भी काम फल देता ही है। ये वो समय है जब आपका दिमाग सबसे ज्यादा सक्रिय होता है। इस समय जो भी काम किया जाता है वो निश्चित रूप से सफलता की ओर ले जाता है। जैसे इस वक्त में यदि पढ़ाई की जाए तो दिमाग बहुत तेजी से पढ़े गए पाठ को याद रखता है। वहीं यदि इस समय में अध्यात्म की ओर बढ़ा जाए तो इस मार्ग पर आपकी उन्नति पक्की होती है। इस समय की गई ध्यान साधना आपको ईश्वर की ओर ले जाती है। क्योंकि इस समय ब्रह्मांड की सकारात्मक ऊर्जाओं का वास धरती की ओर बहुत तेजी से होता है। पवित्र ऊर्जाएं ऐसे साधकों को देखती हैं जो ब्रह्म मुहूर्त साधना के योग्य होते हैं। जगत के हित के कार्य करने के लिए बने होते हैं। इस समय में शरीर के सातों चक्र सक्रिय होते हैं।

खुलती है ब्रह्म मुहूर्त में नींद तो है ये संकेत

यदि ज्यादातर आपकी नींद रात के चौथे पहर तीन से पांच के बीच खुलती रहती है तो ये आपके लिए बहुत ही अच्छा संकेत है। पवित्र ऊर्जाएं आपसे संपर्क करना चाहती हैं। वे चाहती हैं कि आप ब्रह्म मुहूर्त में जागे और साधना करें। आपके मन मस्तिष्क को वे पवित्र प्रकाश से भरना चाहती हैं। विद्या की देवी सरस्वती अपने ज्ञान से विद्यार्थियों को इस समय में प्रकाशित करती हैं। गलती से भी इस समय को आपको नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये संकेत है कि आप आम लोगों से अधिक खास हैं और ईश्वर के करीब हैं।

डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्‍स नाउ नवभारत इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है।

टाइम्स न्यूज़ नेटवर्क
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