अध्यात्म

भानु सप्तमी पर सूर्य की उपासना के साथ करें खास उपाय, रोग मुक्ति के लिए करें खास उपाय

भानु सप्तमी का त्योहार 21 जून के दिन मनाया जाएगा। भगवान सूर्य को समर्पित ये दिन बेहद खास है। आज हम आपको बताएंगे कि इस दिन रोग मुक्ति के कौन से उपाय कर सकते हैं। नोट करें कुछ उपाय...

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भानु सप्तमी के उपाय

भारतीय संस्कृति में सूर्य को प्रत्यक्ष देवता माना गया है। वे ऐसे देव हैं जिनके दर्शन प्रतिदिन किए जा सकते हैं और जिनकी ऊर्जा से संपूर्ण सृष्टि संचालित होती है। हिंदू धर्म में सूर्य देव की आराधना के लिए कई विशेष पर्व मनाए जाते हैं, जिनमें भानु सप्तमी का विशेष महत्व है। यह दिन सूर्य उपासना, आत्मशुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है। सूर्य ग्रह आत्मबल, नेतृत्व क्षमता, सम्मान, स्वास्थ्य और सफलता का कारक होता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य कमजोर या अशुभ स्थिति में हो, तो उसे आत्मविश्वास की कमी, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां और कार्यक्षेत्र में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में भानु सप्तमी का दिन सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं कुछ उपाय जो भानु सप्तमी (Bhanu Saptami Remedies) पर रोग मुक्ति के लिए करने चाहिए।

सूर्य को जल अर्पित करें

जिन लोगों के शरीर पर सफेद दाग (श्वेत चकत्ते) हैं, वे भानु सप्तमी के अवसर पर जल में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य दें और श्रद्धापूर्वक आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। धार्मिक मान्यता है कि इस उपाय से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है तथा स्वास्थ्य और मानसिक शक्ति में सकारात्मक वृद्धि होती है।

जल में चंदन डालकर अर्घ्य दें

भानु सप्तमी के दिन तांबे के पात्र में चंदन मिश्रित जल से सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करना और श्रद्धापूर्वक व्रत-पूजन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। माना जाता है कि इस उपाय से व्यक्ति को उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है, त्वचा संबंधी समस्याओं से राहत मिलती है तथा पेट से जुड़ी परेशानियों सहित अनेक शारीरिक कष्टों में कमी आती है। साथ ही जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि का संचार होता है।

मंत्रोचार करें

यदि कोई व्यक्ति स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना कर रहा है, तो भानु सप्तमी के दिन प्रातः स्नान के बाद लाल या पीले रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके पश्चात तांबे के पात्र में शुद्ध जल लेकर सूर्य मंत्र “ॐ ह्रीं अश्व-तेजस्य अधोवाणी स्वाहा” का जप करें। मंत्र जाप के बाद जल पर एकाग्र होकर फूंक मारें और उसे प्रसाद स्वरूप ग्रहण करें। ऐसी मान्यता है कि इससे रोगों से मुक्ति मिलती है।

भानु सप्तमी पर आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। यह स्तोत्र सूर्य देव की महिमा का वर्णन करता है और व्यक्ति के मनोबल को मजबूत बनाने में सहायक माना जाता है। इसके साथ ही लाल फूल अर्पित करना, व्रत रखना और जरूरतमंद लोगों को दान देना भी पुण्यदायी माना गया है।

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गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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