Bhai Dooj 2022 Time,Muhurat, Vidhi: 27 ये त्योहार कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाया जाता है। इस पर्व को भाऊ बीज, टिक्का, यम द्वितीया और भातृ द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई के माथे पर तिलक लगाती हैं और उनकी लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं। ये त्योहार भाई और बहन के पवित्र रिश्ते को समर्पित है। यहां जानें भाई दूज का सबसे शुभ मुहूर्त और पूजा विधि।
भाई दूज मुहूर्त (27 अक्टूबर 2022)
आज भाई दूज तिथि दोपहर 12:45 तक रहेगी। भाई को टीका करने का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 07 मिनट से दोपहर 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।
भाई दूज पूजा विधि:
- भाई दूज के दिन भाई और बहन यमुना के जल से स्नान करें। अगर ये संभव न हो तो आप स्वच्छ जल से ही स्नान कर लें।
- अगर बहन विवाहित हैं तो भाई बहन के घर जाएं और दोनों मिलकर भगवान चित्रगुप्त की पूजा करें।
- इसके बाद शुभ मुहूर्त में भाई के तिलक करने की थाली तैयार कर लें और थाली में कुमकुम, सिंदूर, चंदन, फूल, फल, मिठाई, अक्षत व सुपारी जरूर रखें।
- फिर एक चौकी सजाएं और उस चौकी पर भाई को बैठाकर उसका तिलक करें।
- फिर भाई की आरती उतारे और आरती के बाद उन्हें मिठाई खिलाएं।
- कई जगह इस दिन बहनें अपने भाई को सूखा नारियल देती हैं।
- भाई दूज की पूजा करते समय ध्यान रखें कि भाई-बहन दोनों का सिर किसी कपड़े से ढका हो।
- बहनें इस मंत्र का जप जरूर करें- गंगा पूजे यमुना को यमी पूजे यमराज को, सुभद्रा पूजा कृष्ण को, गंगा यमुना नीर बहे मेरे भाई की आयु बढ़े।
भाई दूज का महत्व: ऐसी मान्यता है कि इस दिन भाई और बहन को एकसाथ यमुना में स्नान करना चाहिए। ऐसा करना बेहद ही शुभ माना जाता है। भाई दूज के दिन कई जगह बहनें अपने भाई की लंबी उम्र की कामना के लिए यम के नाम का दीपक भी घर के बाहर जलाती हैं उनकी लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं।
